आशाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का डीएम ने दिया निर्देश।
रायबरेली: जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक संपन्न हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने कड़े निर्देश दिए कि यदि कोई आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव या अल्ट्रासाउंड के लिए ले जाती पाई गई, तो उसके खिलाफ तत्काल नियमानुसार कार्रवाई होगी।
गर्भवती महिलाओं की प्रथम जांच में लापरवाही बरतने वाले अधीक्षकों को भी डीएम ने कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने नियमित टीकाकरण पर जोर देते हुए सभी सुपरवाइजरों को बुधवार और शनिवार को क्षेत्रीय भ्रमण कर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे।
रोगी कल्याण समिति द्वारा किए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश चिकित्सा अधिकारियों को दिया गया। डीएम ने सभी सीएचसी और पीएचसी पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने और जन-जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाने पर बल दिया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा, एसीएमओ डॉ. अशोक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।















