सलाखों के बीच राखी का पवित्र बंधन, बहनों की नम आंखें।
गोरखपुर। रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर शनिवार को जिला कारागार में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची बहनों की आंखें नम रहीं। सुबह से ही थालियों में राखी, मिठाई, और दिल में दुआएं लिए सैकड़ों बहनें दूरदराज से जेल पहुंचीं, जहां जेल प्रशासन ने शासन के निर्देशानुसार विशेष व्यवस्था की। साफ-सफाई, बैठने की सुविधा, और पेयजल का इंतजाम किया गया। राखी न ला पाने वाली बहनों के लिए जेल में निशुल्क राखियां उपलब्ध कराई गईं, वहीं कैदियों द्वारा बनाई गई राखियों का स्टॉल भी लगाया गया।
जेल अधीक्षक डीके पांडेय, जेलर अरुण कुशवाहा, और डिप्टी जेलर विजय कुमार सुबह 7 बजे से व्यवस्था में जुटे रहे। कतारों में खड़ी बहनें भाइयों से मिलने को उत्साहित थीं। जेल प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा। कैदी भाइयों ने राखी बंधवाकर बहनों का आशीर्वाद लिया, जबकि बहनों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
यह रिश्तों की डोर साबित करती है कि मोहब्बत और अपनापन सलाखों या दीवारों से बंधा नहीं होता। सलाखों के बीच बंधा यह बंधन, बहनों की नम आंखों में छिपी उम्मीद और प्यार की मिसाल बना।















