गीडा में फिल्मी अंदाज में लूट: क्राइम ब्रांच का दरोगा बनकर 90 हजार की ठगी, पुलिसकर्मियों पर संदेह।
गोरखपुर। गीडा थाना क्षेत्र के नौसढ़ में 5 अगस्त 2025 को राजस्थान के पिछवारा निवासी रविशंकर के साथ फिल्मी स्टाइल में लूट की सनसनीखेज वारदात हुई। कार सवार चार युवकों और एक महिला ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए रविशंकर को राजघाट पुल के पास ओवरटेक कर रोका। उसे अवैध हथियार तस्कर बताकर जबरन कार में बैठाया, तमंचा थमाकर फोटो खींची और आर्म्स एक्ट में जेल भेजने की धमकी दी। बदमाशों ने तीन लाख रुपये की मांग की और जनसेवा केंद्र से डराकर 90 हजार रुपये निकलवाए।
रविशंकर, जो जयपुर में निजी कंपनी में काम करते हैं, वरासत के लिए अपने ननिहाल भौवापार (बेलीपार) आए थे। मंगलवार दोपहर वह चचेरे भाई और मित्र के साथ बाइक से राजघाट पुल की ओर जा रहे थे, तभी यह घटना हुई। बदमाशों ने उन्हें तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। इसके बाद, एक सर्राफा दुकान पर ले जाकर गहने खरीदने का दबाव बनाया, लेकिन डेबिट कार्ड की दैनिक सीमा पूरी होने से खरीदारी नहीं हो सकी। अंत में, एकला बंधे पर छोड़ते हुए अगले दिन चार लाख रुपये लाने की धमकी दी। डरे-सहमे रविशंकर ने 6 अगस्त को एसपी सिटी अभिनव त्यागी से शिकायत की।
गीडा थाने में अज्ञात के खिलाफ बंधक बनाकर लूट का मुकदमा दर्ज हुआ। प्राथमिक जांच में नौसड़ चौकी इंचार्ज सहित तीन पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये तीनों उसी रात एक नाबालिग लड़की को बरामद करने के बहाने मुंबई रवाना हो गए और उनके मोबाइल बंद हैं। एसपी सिटी ने मामले की जांच के लिए सीओ कोतवाली और सीओ कैंट की कमेटी गठित की। सीसीटीवी फुटेज, पीड़ित के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच चल रही है।
जांच में आशंका जताई जा रही है कि रविशंकर के चचेरे भाई के मित्र ने बदमाशों से मिलीभगत की हो सकती है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि साक्ष्य के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। पुलिस की भूमिका की विभागीय जांच भी शुरू की गई है।















