विश्व स्तनपान सप्ताह: स्टार हॉस्पिटल और रोटरी क्लब ने जागरूकता गोष्ठी में दी माताओं-शिशुओं के स्वास्थ्य की सौगात।
गोरखपुर, बुधवार को स्टार हॉस्पिटल और रोटरी क्लब गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य माताओं और शिशुओं के लिए स्तनपान के लाभों को रेखांकित करना था। गोष्ठी की अध्यक्षता चेयरमैन मैटरनिटी एंड चाइल्ड हेल्थ, रोटरी क्लब, डॉ. सुरहिता करीम ने की। उन्होंने बताया कि शिशु को जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना और 6 माह तक केवल स्तनपान कराना अनिवार्य है।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिमोहन सिन्हा ने कहा, “6 माह बाद अनुपूरक आहार शुरू करें और 2 वर्ष तक स्तनपान जारी रखें। यह शिशुओं को डायरिया और निमोनिया जैसी बीमारियों से बचाता है, जिससे हर साल एक लाख बच्चों की जान जाती है। माताओं में स्तन कैंसर, डिम्बग्रंथि कैंसर और मधुमेह का जोखिम भी कम होता है।” उन्होंने चिंता जताई कि भारत में पहले घंटे में स्तनपान की दर केवल 41.6% है, जो निराशाजनक है।
विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 का नारा ‘स्तनपान को प्राथमिकता दें, स्थायी समर्थन प्रणाली बनाएं’ पर जोर देते हुए डॉ. सिन्हा ने प्रसूति अस्पतालों को बेबी-फ्रेंडली हॉस्पिटल (BFHI) बनाने, गर्भावस्था से ही माताओं को जागरूक करने और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता बताई। भारत सरकार का MAA प्रोग्राम सरकारी अस्पतालों तक सीमित है, जबकि 40% प्रसव निजी क्षेत्र में होते हैं। इन तक पहुंचने की रणनीति और शिशु आहार अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है।
IAP अध्यक्ष डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने भी स्तनपान के लाभों पर प्रकाश डाला। स्टार हॉस्पिटल के संचालक और रोटरी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजाहत करीम व रोटरी अध्यक्ष शतीश राय ने सभी का आभार जताया। गोष्ठी में रोटरी के आलोक श्रीवास्तव, आलोक अग्रवाल, मनीष जायसवाल, प्रवीर आर्य, मंकेश्वर नाथ पांडेय और महावीर कंडोई मौजूद रहे। संचालन अंजला करीम, स्वप्निल श्रीवास्तव, रवि शंकर, मनोज और कलीम ने किया।















