खलीलाबाद में मातृ भारती गठन: मां की शक्ति, राष्ट्र निर्माण की नींव।
संतकबीरनगर: गुरुवार को कूड़ी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज, खलीलाबाद में मातृ भारती गठन एवं दायित्व बोध समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पार्चन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. सोनी सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को और विशेष बनाया।
सर्वसम्मति से श्रीमती दक्ष कुमारी को अध्यक्ष, श्रीमती आशा सिंह को उपाध्यक्ष, और श्रीमती सुमन प्रजापति को मातृ भारती का मंत्री चुना गया। मुख्य अतिथि डॉ. सोनी सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा, “मातृ शक्ति राष्ट्र की रीढ़ है। हमें बालक और बालिकाओं में बिना भेदभाव के समान रूप से व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देना होगा। तभी हम भारत के स्वप्न को साकार कर सकेंगे।”
विद्यालय की मातृ भारती अध्यक्षा आचार्या श्रीमती अलका राय ने मां की दोहरी भूमिका पर जोर देते हुए कहा, “मां न केवल जन्मदात्री है, बल्कि बच्चों की पहली गुरु भी है। युवा राष्ट्र का भविष्य हैं, और उन्हें समर्थ, कर्मठ, और मूल्यों से युक्त बनाने की जिम्मेदारी माताओं की है।”
वरिष्ठ आचार्या एवं बालिका शिक्षा प्रमुख श्रीमती सुदक्षिणा सिंह ने मां की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मां बच्चों की प्रथम गुरु होती है। वह बच्चों को न केवल जीवन मूल्य सिखाती है, बल्कि उनके चरित्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाती है। माताओं से मेरा आग्रह है कि अपने बच्चों को सच्चा मनुष्य बनाएं, जो जीवन के मूल्यों को समझे और अपनाए।”
कार्यक्रम में साधना मिश्रा, आसना यादव, साधना गुप्ता, प्रीती मिश्रा, करुणेश मिश्रा सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। यह समारोह मातृ शक्ति के महत्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करने में सफल रहा। सभी वक्ताओं ने माताओं को बच्चों के नैतिक और सांस्कृतिक विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
यह आयोजन न केवल मातृ भारती के गठन का उत्सव था, बल्कि माताओं को उनके दायित्वों की याद दिलाने और समाज में उनकी भूमिका को सशक्त करने का एक प्रेरणादायक मंच भी साबित हुआ।















