मनरेगा में गबन, 1.77 लाख की वसूली का आदेश।
संतकबीरनगर। बघौली ब्लॉक के हावपुर भड़ारी गांव में मनरेगा योजना में बिना कार्य के 1,76,727 रुपये का भुगतान करने का मामला उजागर हुआ है। प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक की मिलीभगत से हुई इस अनियमितता की शिकायत ग्रामीण हरिओम सिंह ने 24 मई को शपथ पत्र के साथ जिलाधिकारी से की। जांच में गबन सिद्ध होने पर जिलाधिकारी ने रिकवरी और कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया।
मनरेगा सेल के अवर अभियंता वेद प्रकाश वर्मा और भूमि संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार वर्मा की जांच में पांच मेड़बंदी कार्यों में अनियमितता पाई गई। लाभार्थी हरिराम पांडेय, नंद किशोर, परमात्मा और केशवभान सिंह के खेतों में मेड़बंदी नहीं हुई, फिर भी 19,809 से 44,850 रुपये का भुगतान किया गया। कई लाभार्थी सरकारी सेवा में थे या सेवानिवृत्त थे, जो योजना के लिए अपात्र हैं। जॉबकार्ड न होने और कार्य न होने की पुष्टि हुई।
उपायुक्त मनरेगा डॉ. प्रभात द्विवेदी ने बताया कि रिकवरी दो चरणों में होगी। पहली 19,809 रुपये की, जिसमें प्रधान कमला, सचिव शिवमूरत मौर्य और तकनीकी सहायक शिवपति दोषी हैं। दूसरी 1,56,918 रुपये की, जिसमें प्रधान कमला प्रसाद, सचिव क्षितिज चौधरी और तकनीकी सहायक शिवपति से बराबर वसूली होगी। विभागीय कार्रवाई भी होगी।
इसी तरह, सांथा ब्लॉक के मेंहदूपार गांव में बिना कार्य के 2,06,644 रुपये के गबन का मामला सामने आया। शिकायतकर्ता अभिषेक कुमार शुक्ल की शिकायत पर जांच में प्रधान और सचिव दोषी पाए गए। जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों मामलों में सख्ती से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।















