मजदूर के खाते से 82.52 लाख का लेन-देन, दोस्ती में ठगी का शिकार।
संतकबीरनगर। छह हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले 19 वर्षीय मजदूर कृष्णा गुप्ता के बैंक खाते में साढ़े चार महीनों में 82.52 लाख रुपये का लेन-देन सामने आया है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सिस्टम ने इस संदिग्ध गतिविधि को पकड़ा और खाता धारक का सत्यापन किया। मामले की जानकारी मिलते ही कृष्णा और उसके परिवार के होश उड़ गए। पीड़ित ने दोस्ती में धोखाधड़ी का शिकार होने की बात बताई और कोतवाली से साइबर थाने तक गुहार लगाई।
खलीलाबाद के बगहिया चौराहे निवासी कृष्णा, जो इंटरमीडिएट तक पढ़ा है, बरदहिया बाजार में कपड़े की दुकान पर काम करता है। उसके पिता राजकुमार गुप्ता चाय की छोटी दुकान चलाते हैं। कृष्णा ने बताया कि उसके एक सहपाठी ने उसे जाल में फंसाया। सहपाठी ने उसका बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाता खुलवाया और एटीएम, पासबुक व सिमकार्ड ले लिया। बदले में उसे 4,000 रुपये दिए गए। बिना उसकी जानकारी के 25 फरवरी 2025 से अब तक खाते से 82.52 लाख रुपये का लेन-देन हुआ, जिसमें अब केवल 59 रुपये शेष हैं।
बैंक प्रबंधक दीपक शुक्ला ने बताया कि बैंकिंग सिस्टम (EDD) ने असामान्य लेन-देन पर अलर्ट जारी किया। सत्यापन में पता चला कि कृष्णा ने कर्ज के बदले अपना खाता दोस्त को सौंपा था। बैंक ने खाता सीज कर लेन-देन पर रोक लगा दी और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया। लीड बैंक मैनेजर पवन सिन्हा ने कहा कि साइबर या अन्य एजेंसियों की जांच में बैंक पूरा सहयोग करेगा।
कृष्णा ने कोतवाली खलीलाबाद में शिकायत दर्ज की, जहां से उसे साइबर थाने भेजा गया। उसका कहना है कि दोस्त ने ट्रेडिंग के नाम पर खाते का दुरुपयोग किया। साइबर थाने के एसओ आलोक सोनी ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच शुरू होगी और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग की गंभीरता को उजागर करता है।















