सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने विकास भवन का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित कर्मियों का वेतन रोका, विभागीय कार्रवाई के आदेश।
गोरखपुर। शुक्रवार, को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी ने विकास भवन के विभिन्न विभागों का आकस्मिक निरीक्षण किया, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उनका एक दिन का वेतन रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से जिला युवा कल्याण विभाग के एक कर्मचारी, जो जनवरी से बिना प्रार्थना पत्र के गायब था, के खिलाफ निदेशालय को लिखित सूचना भेजकर विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।निरीक्षण के समय विकास भवन में सामान्य दिनचर्या चल रही थी।
कुछ कर्मचारी कार्यालय पहुँचे थे, जबकि कई अपनी आदतवश देरी से आने की तैयारी में थे। सीडीओ के आगमन की खबर फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। लेटलतीफ कर्मचारियों को फोन कर बुलाया जाने लगा, और उपस्थिति रजिस्टर दुरुस्त करने की होड़ लग गई।
सीडीओ के हर विभाग में पहुँचने पर आसपास के कर्मचारी कानों से हाल जानने लगते, फिर अपने कागजात सँभालने में जुट जाते। सीडीओ ने पंचायती राज, युवा कल्याण, पिछड़ा वर्ग, समाज कल्याण, विकास, कृषि, मनरेगा, और परियोजना निदेशक कार्यालय सहित कई विभागों का जायजा लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल और समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आइजीआरएस) पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की। पंचायती राज विभाग में 11 दिन से लंबित जन्म प्रमाण पत्र की शिकायत पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने एक सप्ताह के भीतर निस्तारण का निर्देश दिया। शासनादेश के अनुपालन और मामलों को लटकाने से बचने पर जोर दिया गया। कुछ शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात कर फीडबैक लिया गया; उदाहरण के लिए, विवेक यादव ने बताया कि विभाग ने संपर्क किया, लेकिन स्थिति अभी जाँच नहीं की। प्रत्येक विभाग से उपस्थिति रजिस्टर मँगवाकर हाजिरी चेक की गई।
अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों जैसे सहकारिता के अभय सिंह, कृषि के सुनील कुमार गौतम, और पीडब्लूडी के अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सीडीओ ने कहा, “10:30 बजे शुरू हुए निरीक्षण में अनुपस्थित कर्मियों का वेतन रोका गया है। आइजीआरएस शिकायतों का शीघ्र निस्तारण और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।















