बड़हलगंज में दहेज रहित विवाह से समाज में बदलाव की अलख

बड़हलगंज में दहेज रहित विवाह से समाज में बदलाव की अलख

 

 बड़हलगंज (गोरखपुर): मानव शिक्षा सेवा संस्थान ने खड़ेसरी में दहेज रहित सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कर समाज को नई दिशा दिखाई। सोमवार को 37 जोड़ों ने वेद मंत्रों की पवित्र गूंज के बीच परिणय सूत्र में बंधकर गृहस्थ जीवन की शुरुआत की। क्षेत्र से उमड़ी भीड़ ने वर-वधुओं को आशीर्वाद देकर उनके सुखमय जीवन की कामना की। दुल्हन की तरह सजे पंडालों में वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न हुए, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक बने।

मुख्य अतिथि विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष शिखर गुप्ता ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई करार देते हुए कहा, “दहेज से लड़ने के लिए सामूहिक विवाह जैसे आयोजन जरूरी हैं। ये समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। मैं सभी से दहेज रहित विवाह अपनाने और दहेज मुक्त समाज बनाने का आग्रह करता हूं।” भाजपा नेत्री पूनम गुप्ता ने जोड़ा, “दहेज हत्या जैसी कुप्रथाओं को रोकने का सशक्त माध्यम दहेज रहित विवाह है। यह बेटियों के पिता के दर्द को कम करता है और जिम्मेदारी को मजबूत बनाता है।”

संस्था के प्रबंधक और जिला पंचायत सदस्य आलोक गुप्ता ने बताया, “दहेज रहित विवाह में चुनौतियां हैं, लेकिन बुद्धिजीवियों को आगे बढ़ना होगा। अब तक 500 से अधिक जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। मेरा संकल्प है कि जनवरी 2025 से हर महीने 21 बेटियों की शादी होगी।” संस्था अध्यक्ष प्रिया गुप्ता ने आगंतुकों का धन्यवाद किया, जबकि संचालन अभिषेक राय ने कुशलता से संभाला।

वर-वधुओं को बेड, कुर्सी, आलमारी, कपड़े, बर्तन समेत घरेलू सामान उपहार में दिए गए। समारोह को सफल बनाने में 200 से अधिक जनसेवी कार्यकर्ताओं की मेहनत रही। मौके पर दिग्विजय राय, अनिता, राजन सिंह, नेहा सिंह, विहिरप जिलाध्यक्ष अभिषेक राय, भूपेंद्र दीक्षित, मंगेश तिवारी, पंकज यादव, विनोद नायक, सुरेश राय, सर्वेश पासवान समेत अन्य गणमान्य मौजूद रहे। यह आयोजन दहेज उन्मूलन और सामाजिक जागरूकता का मिसाल बना।

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