गगहा में पुलिस मुठभेड़: यौन शोषण और ठगी का फरार टप्पेबाज राजू यादव घायल, गिरफ्तार।
गोरखपुर: गगहा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और स्वाट (एसओजी) की संयुक्त टीम ने यौन शोषण और जेवर ठगी के फरार आरोपी राज बहादुर यादव उर्फ राजू (35) को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान राजू ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में टप्पेबाजी और अपराध पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
घटना का विवरण: गगहा पुलिस को सूचना मिली थी कि राजू, जो बिजनेसमैन बनकर महिलाओं को झांसा देकर उनके जेवर ठगने और यौन शोषण का आरोपी है, गजपुर-कौड़ीराम मार्ग पर बाइक से गुजर रहा है। पुलिस ने रविवार रात चेकिंग के दौरान उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को देखते ही राजू ने बाइक मोड़कर गजपुर की ओर भागने का प्रयास किया। पुलिस और एसओजी की टीम ने उसका पीछा किया। भागने के दौरान राजू ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। एक गोली राजू के पैर में लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि: राजू बड़हलगंज थाना क्षेत्र के परसिया तिवारी गांव का निवासी है। जांच में पता चला कि उसके खिलाफ विभिन्न थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें ठगी, यौन शोषण, और अन्य अपराध शामिल हैं। मुंबई में भी उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस पिछले कई दिनों से सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से उसके ठिकानों की तलाश कर रही थी। इस दौरान उसके संपर्क में आए लोगों से भी पूछताछ की गई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
पुलिस की कार्रवाई: मुठभेड़ में राजू के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस, और बाइक बरामद हुई। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि टप्पेबाजी और महिला अपराधों के खिलाफ पुलिस की सख्ती जारी रहेगी। राजू से पूछताछ में उसके अन्य साथियों और ठगी के तौर-तरीकों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वह अन्य राज्यों में भी ऐसी वारदातों में शामिल था।
स्थानीय प्रतिक्रिया: इस मुठभेड़ से गगहा और आसपास के क्षेत्रों में राहत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, खासकर इसलिए क्योंकि राजू की टप्पेबाजी और अपराधों ने महिलाओं में दहशत पैदा कर दी थी। यह कार्रवाई पुलिस की अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।















