सजनापार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा:
जर्जर भवन में तब्दील, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं।
गोरखपुर
गोरखपुर, : सहजनवा तहसील के पाली ब्लॉक अंतर्गत सजनापार गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यह स्वास्थ्य केंद्र, जो कभी ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का एकमात्र सहारा था, अब जर्जर और असुरक्षित भवन में तब्दील हो चुका है। स्थिति इतनी खराब है कि ग्रामीणों ने इस भवन में पशुओं का चारा तक रखना शुरू कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों में रोष और चिंता का माहौल है।
दशकों पुराना यह भवन अपनी छत और दीवारों में गहरी दरारों और क्षरण के साथ खतरनाक स्थिति में है। छत से प्लास्टर गिर रहा है और बारिश में पानी टपकता है, जिससे मरीजों और कर्मचारियों के लिए जोखिम बढ़ गया है। दीवारों की दरारें भवन की संरचनात्मक अखंडता पर सवाल उठाती हैं। खुले बिजली के तार शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा पैदा कर रहे हैं। शौचालयों की हालत बदतर है, जहां पानी की व्यवस्था न होने से स्वच्छता की गंभीर समस्या है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस पीएचसी में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं, जैसे दवाइयां, चिकित्सक की नियमित उपस्थिति, और आपातकालीन सेवाएं, लगभग ठप हैं। नजदीकी अन्य स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
सीएचसी प्रभारी का बयान: पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉ. सतीश सिंह ने बताया कि जर्जर भवन की स्थिति की रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू होगा। साथ ही, भवन में सामान रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी प्रावधान: उत्तर प्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा-निर्देशों के तहत स्वास्थ्य केंद्रों की रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी सरकार की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल इस भवन की मरम्मत कराए और स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करे।















