गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग और संपत्ति जब्ती पर सख्ती, एसएसपी ने दिए निर्देश
गोरखपुर
गोरखपुर, 29 मई 2025: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राज करन नय्यर ने कैंट और गोला सर्किल में मई 2025 में दर्ज अभियोगों की समीक्षा गूगल मीट के माध्यम से की। इस दौरान उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारी निरीक्षकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
एसएसपी ने महिला और बालकों को जागरूक करने, महिला संबंधी मामलों को प्राथमिकता से निपटाने और मिशन शक्ति अभियान के तहत कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने गैंगस्टर एक्ट के तहत पंजीकृत अभियोगों और संपत्ति जब्तीकरण की कार्यवाही को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही, वांछित अपराधियों, गैर-जमानती वारंट (NBW) और कुर्की वारंट वाले अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा।
नय्यर ने स्पष्ट किया कि किसी भी सूचना पर पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि थाना प्रभारी या थाने के कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गैंगस्टर एक्ट का प्रावधान: उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और समाज विरोधी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986 के तहत संगठित अपराध करने वाले गिरोहों पर कार्रवाई की जाती है। 2021 के संशोधनों के अनुसार, एक ही अपराध पर भी गैंगस्टर एक्ट लगाया जा सकता है, और अपराधियों की अवैध संपत्ति को जब्त करना अनिवार्य है। जिलाधिकारी के पास संपत्ति कुर्की के बढ़े हुए अधिकार हैं, और जांच अधिकारी को चार्जशीट दाखिल करते समय संपत्ति जब्ती की रिपोर्ट देनी होती है। सजा में 2 से 10 वर्ष तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।















