बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक संपन्न।
रायबरेली
रायबरेली, बृहस्पतिवार जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मिशन वात्सल्य योजना के तहत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में बाल संरक्षण, बाल अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम और बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा से बाल अपराधों के लंबित वादों और केसों का विवरण मांगा। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल अपराधों के मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी वाद को लंबित न रखा जाए। अपर जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनुपम शौर्य ने जोर देकर कहा कि बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग की जाए और बाल अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए।
बैठक में संबंधित विभागों को बाल संरक्षण को प्राथमिकता देने और बच्चों के समग्र विकास के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अर्पित उपाध्याय, यूनिसेफ की मंडली सलाहकार, किशोर न्याय बोर्ड की मीनू श्रीवास्तव, बाल कल्याण समिति की पूनम सिंह, वन स्टॉप सेंटर की आस्था ज्योति, राज लक्ष्मी बाई सम्मान कोष की सारिका शुक्ला, श्रद्धा सिंह, अर्चना सिन्हा, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी प्रज्ञा त्रिपाठी, रिजवाना परवीन, अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिंहा, डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सृष्टि अवस्थी और महिला कल्याण विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।















