डीएम की अध्यक्षता में बाढ़ तैयारियों की समीक्षा, राहत शिविरों के लिए दिए कड़े निर्देश।

डीएम की अध्यक्षता में बाढ़ तैयारियों की समीक्षा, राहत शिविरों के लिए दिए कड़े निर्देश।

संतकबीरनगर

संतकबीरनगर में बरसात के मौसम में संभावित बाढ़ और बंधों के कटाव से बचाव के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों की गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में बाढ़ अधिकारी/अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड राम उजागिर ने अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन बंधों की मरम्मत और अन्य परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने राप्ती और घाघरा नदियों के आसपास संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों, राहत केंद्रों और राहत शिविरों की स्थापना की समीक्षा की। जनपद में 03 बाढ़ चौकियां, 04 राहत केंद्र और 05 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। 

जिलाधिकारी ने राहत शिविरों में स्वच्छ भोजन, पेयजल, शौचालय, बिजली, बच्चों के लिए पढ़ाई-खेल की व्यवस्था, 108/102 एम्बुलेंस, चिकित्सक, क्लोरीन गोलियां और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को राहत किट और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के लिए भूसा और टीकाकरण की व्यवस्था करने को कहा। विशेष रूप से धनघटा और मेंहदावल तहसीलों में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों और उनके पशुओं के लिए शिविरों की व्यवस्था पर जोर दिया गया। 

स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ के दौरान संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए दवाइयों की उपलब्धता और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत राज अधिकारी को हैण्डपंपों की जांच और मरम्मत का आदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने नाव, मोटर बोट और गोताखोरों की व्यवस्था करने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और छिड़काव के लिए दवाइयों व कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। 

जिलाधिकारी ने सभी विभागों से समन्वय बनाए रखने और बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए सतर्कता बरतने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राहत शिविर ऐसे स्थानों पर स्थापित हों, जहां आवागमन सुगम हो। बैठक में डीसी मनरेगा प्रभात द्विवेदी, उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार, तहसीलदार धनघटा योगेंद्र कुमार पांडेय, तहसीलदार मेंहदावल अल्पिका वर्मा, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार यादव और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

यह बैठक जिले में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने और जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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