आखिर कब बुझेगी आचार्य रामचंद्र की धरती की प्यास,क्याह काम की टंकी जब पनिये नाही..
अरुण कुमार
उत्तर प्रदेश/बस्ती। जिले के बहादुरपुर की बात करे तो यहां भले ही केंद्र सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट योजना हर घर नल के तहत चयनित है लेकिन शुद्ध जल मुहैया कराने में जिम्मेदार फेल हैं। सालों से वाटर सप्लाई बंद है। घरों की टोटियां सूखी पड़ी हैं।
अगोना में सालो पहले जलापूर्ति को स्थापित वाटर ओवरहेड टैंक बन कर तैयार हुआ। लेकिन यहा पेयजल की सप्लाई बंद है जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं। ग्रामीणों से बातचीत में पता चला पानी की टंकी की विद्युत सप्लाई काट दी गई है जिससे शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है। वही ग्राम प्रधान प्रधान प्रनिधि विजय यादव ने बताया की इस की शिकायत आला अधिकारी एवं सीएम पोर्टल के जरिए शासन तक पहुंचने के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस वाटरटैंक से लगभग आधे दर्जन ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते थे। इस टंकी से गांव के नागरिकों को जलापूर्ति कराया जाता था।
वही वृद्ध ग्रामीण राम मिलन ने कहा क्याह काम की टंकी बाय, जब तक पानी नाही बाय।
लेकिन प्रसिद्ध साहित्य आचार्य रामचंद्र शुक्ल की यह धरती केवल केंद्र सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट हाथी का दात बन कर रह गया। ग्रामीणों में सियाराम, बलराम यादव, रामकिशन चौहान ने एक्स्प्रेस मॉर्निंग की टीम द्वारा जल की सप्लाई को लेकर सरकार से माग किया। वही ऑपरेटर पवन यादव का कहना है सालो से बिजली बकाया होने की वजह से बिजली सप्लाई काट दी गई है जिससे वाटर सप्लाई बंद है।
लगभग करोड़ो रुपए से बना यह वाटर ओवरहेड टैंक खोखला साबित हो रहा है। वाटर ओवरहेड टैंक से सप्लाई बंद है, ऐसे में नागरिक पेयजल से वंचित हैं।















