डीआईजी का पुलिस लाइन व कार्यालय में सघन निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर जताया संतोष
गोरखपुर। डीआईजी आनंद कुलकर्णी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन और पुलिस कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई, शस्त्रागार, भोजनालय और कार्यालयीन कार्यों की गुणवत्ता देख संतोष जताया, साथ ही अधिकारियों को समयबद्ध कार्य और बेहतर रख-रखाव के निर्देश दिए।
सुबह पुलिस लाइन पहुंचकर डीआईजी ने परेड की सलामी ली। भोजनालय में खाने की गुणवत्ता जांचने के बाद शस्त्रागार का निरीक्षण किया। आवासीय बैरकों और परिसर में स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं की पड़ताल की। साफ-सफाई और व्यवस्थित प्रबंधन पर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की।
इसके बाद पुलिस कार्यालय में विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। जनसुनवाई कक्ष में प्रतिदिन की शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति जानी। प्रधान लिपिक शाखा, आंकिक शाखा, आईजीआरएस कार्यालय, जन शिकायत प्रकोष्ठ, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, पेशी कार्यालय, रिकॉर्ड रूम, पत्रावली शाखा, विशेष जांच प्रकोष्ठ, रिट सेल, मानवाधिकार शाखा और स्थानीय अभिसूचना इकाई का दौरा किया। प्रत्येक शाखा में अभिलेखों के रख-रखाव, कार्य प्रणाली और साफ-सफाई का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने शाखा प्रभारियों और कर्मचारियों से कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। अभिलेखों को व्यवस्थित रखने, कार्यों को समय पर पूरा करने और कार्यालय में स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कार्यकुशलता बढ़ाने और जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया।
निरीक्षण के समय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर, पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक मंदिर सुरक्षा/ऑफिस अनुराग सिंह, पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक संजय कुमार, पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी जितेंद्र कुमार, सीओ ऑफिस दीपांशी सिंह राठौड़, सीओ कोतवाली ओंकार तिवारी और सीओ गौरव तिवारी उपस्थित रहे।
डीआईजी ने सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली को सराहा और कुछ क्षेत्रों में सुधार के लिए सुझाव दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस कार्यालय और पुलिस लाइन की व्यवस्थाएं जनता के प्रति जवाबदेही और कार्यकुशलता का प्रतीक होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान देखी गई साफ-सफाई और व्यवस्थित कार्यप्रणाली से स्पष्ट हुआ कि गोरखपुर पुलिस अपने कर्तव्यों के प्रति सजग है।
यह निरीक्षण न केवल पुलिस व्यवस्था की गुणवत्ता जांचने का अवसर था, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों को और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी बना। डीआईजी के दिशा-निर्देशों के अनुपालन से पुलिस कार्यालय और पुलिस लाइन की कार्यक्षमता में और वृद्धि होने की उम्मीद है।















