रायबरेली के हार्थी पार्क चौराहे का नामकरण ‘बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक’ करने की पहल, 21 लाख से होगा सौंदर्यकरण।
बाबासाहेब की जयंती पर रायबरेली में ऐतिहासिक कदम: मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने चौराहे का नामकरण और प्रतिमा स्थल के विकास की शुरू की पहल।
रायबरेली
रायबरेली, सोमवार संविधान निर्माता और ‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार व कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने रायबरेली में एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने नगर के हृदयस्थल पर स्थित हार्थी पार्क चौराहे का नाम परिवर्तन कर ‘बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक’ करने का प्रस्ताव रखा है। इस आशय का अनुरोध पत्र उन्होंने उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री को प्रेषित किया है।
मंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि यह चौराहा रायबरेली का केंद्रीय स्थल है, जहां बाबासाहेब की भव्य प्रतिमा स्थापित है। यह स्थान वर्षों से जनमानस की आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा का केंद्र रहा है। चौराहे का नाम बाबासाहेब के नाम पर करने से उनकी विरासत को स्थायी सम्मान मिलेगा और भावी पीढ़ियाँ उनके योगदान से प्रेरणा लेंगी। उन्होंने नगर विकास मंत्रालय से इस दिशा में त्वरित और विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करने की अपील की है।
इसके साथ ही, मंत्री ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर हार्थी पार्क चौराहे पर स्थित बाबासाहेब की प्रतिमा और आसपास के परिसर को सांस्कृतिक और प्रेरणास्थल के रूप में विकसित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा बाबासाहेब के समतावादी विचारों और संघर्षों का प्रतीक है, जिसे रायबरेली सहित समस्त आंबेडकरवादी समाज श्रद्धा से देखता है। इस स्थल के समग्र विकास के लिए संस्कृति मंत्रालय से वैधानिक स्वीकृति और धनराशि आवंटन की मांग की गई है, ताकि यह क्षेत्र बाबासाहेब के व्यक्तित्व के अनुरूप एक आदर्श स्थल बन सके।
विकास कार्यों को गति देने के लिए मंत्री ने अपनी विधायक क्षेत्र विकास निधि से 21 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, रायबरेली को निर्देश दिए हैं कि इस राशि से प्रतिमा स्थल का सौंदर्यकरण और अधोसंरचनात्मक विकास समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जाए। इसके लिए किसी दक्ष और मान्यता प्राप्त कार्यदायी संस्था को जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया गया है।















