एफआरसीटी कार्यशाला में गोरखपुर-बस्ती मंडल का जोश: स्वागत, सम्मान और सामाजिक सहयोग का अनूठा संगम।
गोरखपुर
गोरखपुर के यशोधरा ऑडिटोरियम, राजकीय बौद्ध संग्रहालय में आयोजित एफआरसीटी कार्यशाला ने उत्साह और सामाजिक सहयोग की नई मिसाल कायम की। गोरखपुर-बस्ती मंडल के पदाधिकारियों ने पूरे जुनून के साथ इस आयोजन को यादगार बनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक मंडल, प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री द्वारा दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। अमृता ओझा, ममता मौर्य, सोनाली गौतम और किरन कुमारी की मनमोहक सरस्वती वंदना व स्वागत गीत ने माहौल को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया।
कार्यशाला में महराजगंज, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर के जिलाध्यक्षों—सुधीर त्रिपाठी, शुभम शर्मा, आदित्य भास्कर, अरुण मिश्रा, शैलेंद्र बहादुर सिंह, सुभाष उपाध्याय और प्रदीप वर्मा—सहित जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के पदाधिकारियों को संस्थापक मंडल ने सम्मानित किया। नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष रानी सिंह कुशवाहा, महामंत्री रामकुमार चाहर, कोषाध्यक्ष रविंद्र नाथ मिश्रा और सचिव मोहम्मद अय्यूब अंसारी का गोरखपुर में पहली बार जोरदार स्वागत हुआ।
उद्बोधन में अशोक यादव और प्रणव कुमार द्विवेदी ने एफआरसीटी के उद्देश्यों और कार्यों पर प्रकाश डाला। मोहम्मद अय्यूब अंसारी ने वेबसाइट से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की, जिसने डिजिटल पारदर्शिता को रेखांकित किया। संस्थापक महेंद्र वर्मा ने एफआरसीटी की नियमावली और बेटी विवाह शगुन योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, “एफआरसीटी सर्वजन के लिए वरदान है। यह बिना भेदभाव के वैधानिक सदस्यों को आर्थिक संकट में पारदर्शी सहायता प्रदान करता है, जो सीधे उनके या नॉमिनी के खाते में जाती है।” सह-संस्थापक चंद्र शेखर सिंह, चरन सिंह, जनार्दन यादव, रानी सिंह कुशवाहा, रामकुमार चाहर, रविंद्र नाथ मिश्रा और कोर टीम के लवकुश वर्मा, पप्पू पासवान, सचिन कुमार, प्रमोद गुप्ता, नीरज श्रीवास्तव, शिव शरन सिंह ने भी प्रेरक संबोधन दिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश कुशवाहा ने की, जबकि संचालन देवेश पांडेय ने बखूबी किया। शिव शरन सिंह, आदित्य भास्कर और मनीष यादव की मेहनत ने आयोजन को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। यह कार्यशाला सामाजिक एकता और आर्थिक सहयोग के प्रति एफआरसीटी की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बनी। गोरखपुर-बस्ती मंडल के पदाधिकारियों का यह उत्साह सामाजिक बदलाव की नई कहानी लिखने को तैयार है।















