खुटहन में बकरी चराने का विवाद बना जंग का मैदान: रिटायर्ड प्रवक्ता समेत 9 पर केस दर्ज।
गोरखपुर
गोरखपुर के गुलरिया थाना क्षेत्र के खुटहन गांव में गुरुवार सुबह एक मामूली बात ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। मामला था बकरी चराने का, जो देखते ही देखते दो पक्षों के बीच मारपीट और गाली-गलौज की जंग में बदल गया। इस हंगामे में एक रिटायर्ड प्रवक्ता समेत कुल नौ लोग अब कानूनी पचड़े में फंस गए हैं।
मामले की शुरुआत तब हुई, जब खुटहन खास टोला चौरहिया की नीलम ने आरोप लगाया कि गांव के मंटू, सत्यपाल और विश्वनाथ ने उनकी बकरियों को चराने को लेकर गाली-गलौज की। नीलम के मना करने पर बात बढ़ी, और आरोप है कि तीनों ने नीलम के साथ मारपीट शुरू कर दी। नीलम के पिता शेषनाथ और भाई व्यास ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी कथित तौर पर बुरी तरह पीटा गया।
उधर, दूसरा पक्ष भी कहां चुप रहने वाला था रिटायर्ड प्रवक्ता विश्वनाथ गौतम ने उल्टा आरोप लगाया कि शेषनाथ, व्यास, गंगा, नीलम, चकहिया और जयहिंद की बकरियां उनके भतीजे सत्यपाल के यूकेलिप्टस के पौधों को चट कर रही थीं। सत्यपाल ने जब बकरियों को हटाने की कोशिश की, तो इन लोगों ने न सिर्फ जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि मारपीट भी की।
इस तमाशे का नतीजा? दोनों पक्षों ने गुलरिया थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी, और पुलिस ने शुक्रवार को नौ लोगों नीलम, शेषनाथ, व्यास, गंगा, चकहिया, जयहिंद, मंटू, सत्यपाल और विश्वनाथ—के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया, “मामले की जांच चल रही है, सच जल्द सामने आएगा।















