किसानों के लिए योगी सरकार की बड़ी राहत: 100 कुंतल से अधिक गेहूं बिक्री पर सत्यापन से छूट ।
गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी
अब 100 कुंतल से अधिक गेहूं बिक्री पर सत्यापन की बाध्यता को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग ने यह क्रांतिकारी निर्णय लिया है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में अभूतपूर्व सहूलियत मिलेगी। इस कदम से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि अभिलेखों में त्रुटियों के कारण होने वाली परेशानियों से भी मुक्ति मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत, पंजीकृत किसान बिना किसी सत्यापन के 100 कुंतल तक गेहूं आसानी से बेच सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सत्यापन के बाद किसान अपनी अनुमानित उत्पादन क्षमता के तीन गुना तक गेहूं बिक्री कर सकेंगे। यह निर्णय छोटे और बड़े दोनों तरह के किसानों के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि अब तक सत्यापन प्रक्रिया में देरी या कागजी गलतियों के कारण कई किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह जाते थे। योगी सरकार ने इस सरलीकरण के जरिए किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
खाद्य एवं रसद विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम हो। किसान अब गेहूं बिक्री के लिए विभाग के आधिकारिक पोर्टल fcs.up.gov.in या ‘UP KISHAN MITRA’ मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से पंजीकरण या नवीनीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा, मोबाइल क्रय केंद्रों की व्यवस्था भी की गई है, जो किसानों के गांवों तक पहुंचकर उनकी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद रहे हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन किसानों के लिए लाभकारी है, जो दूरस्थ क्षेत्रों में रहते हैं और क्रय केंद्रों तक पहुंचने में असमर्थ थे।
इस निर्णय से उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। योगी सरकार का यह कदम न केवल किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि अन्नदाताओं के जीवन में समृद्धि और सुगमता लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल भी है। यह व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाएगी, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
आइए, इस सुविधा का लाभ उठाएं और अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त करें। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।















