ई-रिक्शा चालक की हत्या का रहस्य: रंजिश की जड़ और पुलिस की तेजी से जांच।
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर के खलीलाबाद क्षेत्र में बैरमपुर गांव के एक 19 वर्षीय ई-रिक्शा चालक की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। इस जघन्य अपराध की तह में पुरानी रंजिश सामने आ रही है, जो इस मामले को और भी पेचीदा बनाती है। पुलिस ने इस हत्याकांड के खुलासे के लिए कमर कस ली है और जांच में तेजी लाते हुए महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए हैं।
10 फरवरी को युवक लापता हो गया था। परिजनों ने अगले दिन कोतवाली खलीलाबाद में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की। पिता ने गांव के ही कुछ लोगों पर अपहरण और छिपाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। लंबे समय तक कोई सुराग न मिलने से परिजनों का गुस्सा पुलिस पर फूटा, जिन्होंने शुरुआती जांच में सुस्ती का आरोप लगाया। लेकिन 23 मार्च को महुली क्षेत्र के मैनसिर केसीवान नहर में एक सड़ा-गला शव टुकड़ों में बंधा मिला, जिसे कपड़ों और जूतों के आधार पर मृतक का बताया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सनसनीखेज खुलासा किया कि सिर पर गहरी चोट के कारण युवक की हत्या की गई थी।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पांच टीमें जांच में जुट गईं। एसपी सत्यजीत गुप्ता के नेतृत्व में सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस सेल की मदद से जांच को नई दिशा मिली। शुरुआत में डिलीट हुए सीसीटीवी डेटा ने मुश्किल खड़ी की, लेकिन बनियाबारी के कृष्णा पैलेस, बैंक चौराहा पुलिस चौकी और बैरमपुर रास्ते की दुकानों से रिकवर किए गए फुटेज ने अहम सुराग दिए। डीएनए रिपोर्ट के लिए रिमाइंडर भेजा गया है, और पुलिस सूत्रों का दावा है कि हत्याकांड की जड़ में जमीन से जुड़ा पुराना विवाद हो सकता है।
पुलिस अब कातिलों के बेहद करीब पहुंच चुकी है। जांच सही दिशा में बढ़ रही है, और जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में रंजिश और हिंसा के दुष्परिणामों को भी उजागर करती है। पुलिस की सक्रियता और तकनीकी संसाधनों का उपयोग इस बात का सबूत है कि सच को सामने लाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी।
संतकबीरनगर पुलिस इस मामले को सुलझाने के लिए दिन-रात जुटी है, और परिजनों को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद है।















