यामिनी की रजत जयंती में गोरखपुर की सांस्कृतिक चमक, मिसिज गोरखपुर 2025 जया गुप्ता का ताज।
गोरखपुर
गोरखपुर के नौका विहार स्थित बाबा घम्भरीनाथ प्रेक्षागृह में यामिनी सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थान की रजत जयंती का भव्य आयोजन हुआ। संस्थान के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में शहर के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने रंग जमा दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूनम टंडन, विशिष्ट अतिथि यशवंत सिंह राठौड़ और संस्थान की निदेशिका गीता सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।
दो सत्रों में आयोजित इस समारोह का पहला भाग दोपहर 3 बजे प्रेक्षा सिंह की सरस्वती वंदना से शुरू हुआ। इसके बाद यामिनी मिसिज गोरखपुर प्रतियोगिता ने सभी का ध्यान खींचा। शकुंतला शाह, निकिता दुबे, मधुलिका प्रजापति, अमृता शर्मा, कविता श्रीवास्तव, स्वप्निल सिंह, अनुराधा सिंह, मंशा गुप्ता, ज्योति तिवारी, जया गुप्ता, मनोरमा दुबे, ममता केशरवानी, जाह्नवी मिश्रा, अनुपूर्ण सिंह और सुधा गौड़ ने रैंप वॉक कर भारतीय परिधानों की विविधता को प्रदर्शित किया। टैलेंट राउंड में नृत्य, गायन, कविता और शायरी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अंत में जया गुप्ता को मिसिज गोरखपुर 2025 का ताज पहनाया गया, जिन्हें बुके, मोमेंटो, मेडल और सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में आशी मायरा यादव, वृद्धि गुप्ता, अवनी उपाध्याय, स्तुति श्रीवास्तव, स्वास्ति शंकर और ईशानवी केसरवानी ने बैली डांस से तालियां बटोरीं। अखंड प्रताप भट्ट, अरत्रिका पांडे और अन्य ने गुरु अश्वनी के निर्देशन में वेस्टर्न डांस से माहौल को झूमने पर मजबूर किया। रिधिमा श्रीवास्तव, शिवी श्रीवास्तव, प्रेक्षा सिंह और अन्य ने सोनिका सिंह के निर्देशन में सूफी गीत “छाप तिलक” पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया। “काला चश्मा” पर कथक और हिप-हॉप की जुगलबंदी ने अनूठा समन्वय दिखाया। गुरु विष्णु श्रीवास्तव के निर्देशन में राग यमन और कीबोर्ड वादन ने शास्त्रीय कला का जादू बिखेरा।
मुख्य अतिथि पूनम टंडन और विशिष्ट अतिथि यशवंत सिंह राठौड़ को गीता सिंह और सोनिका सिंह ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिह्न और शॉल से सम्मानित किया। समापन में सभी प्रतिभागियों, कलाकारों और गुरुओं को सम्मान मिला। यह आयोजन गोरखपुर की सांस्कृतिक विरासत और यामिनी की सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।















