स्वच्छता की ओर एक कदम: गीडा ने शुरू की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन सेवा

स्वच्छता की ओर एक कदम: गीडा ने शुरू की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन सेवा

 

गोरखपुर।

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर 13 और 15 में अब साफ-सफाई का नया दौर शुरू होने जा रहा है। मंगलवार को मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक ने हरी झंडी दिखाकर कूड़ा संग्रहण के लिए विशेष गाड़ियों को रवाना किया। इस पहल के तहत अब इन सेक्टरों में घरों और उद्योगों के दरवाजे पर रखा कूड़ा गाड़ियां उठाएंगी, जिससे इलाके में फैली गंदगी पर लगाम लगेगी और स्वच्छता का स्तर ऊंचा उठेगा।

सीईओ अनुज मलिक ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत गीडा अपने औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों में साफ-सफाई को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने बताया कि पहले से ही कई वाहन कूड़ा संग्रहण के लिए तैनात किए गए हैं, जिनके जरिए कूड़े का नियमित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। लेकिन बढ़ते उद्योगों और जनसंख्या के दबाव को देखते हुए गाड़ियों की संख्या में इजाफा किया गया है। उनका मानना है कि यह कदम न केवल इलाके की स्वच्छता को बढ़ावा देगा, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

अनुज मलिक ने आम जनता और उद्यमियों से अपील की कि वे कूड़े को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थान पर रखें। इससे कूड़ा संग्रहण गाड़ियों को समय पर कूड़ा उठाने और उसका उचित निस्तारण करने में आसानी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि गंदगी कई बीमारियों का कारण बनती है, जैसे मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक रोग। इसलिए हर व्यक्ति को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह संकल्प न सिर्फ व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि पूरे समुदाय के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा।

इस कार्यक्रम में गीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. आरडी पांडेय, विशेष कार्याधिकारी अनुपम मिश्रा, जीएम वित्त प्रवीण सिंह, सत्यपाल भाटी, अजय राय, सुरेश यादव, केएन श्रीवास्तव, विभोर त्यागी, मयंक मंगल, एनके जायसवाल और विवेक वर्मा जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह प्रयास न केवल गीडा क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवनशैली के लिए भी एक मिसाल कायम करेगा। आने वाले दिनों में इस सेवा का विस्तार अन्य सेक्टरों तक भी संभव है, जिससे स्वच्छता का यह अभियान और व्यापक रूप ले सके।

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