तम्बाकू का सेवन करने वालों को हृदय रोग का खतरा -डॉ एके पाठक
उत्तर प्रदेश /संत कबीर नगर
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से हर वर्ष तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। तम्बाकू का सेवन करने वाले व्यक्ति को हृदय रोग, कैंसर फेफड़ों की बीमारियों के अलावा संबंधित कई दूसरी बीमारियो का खतरा बना रहता है। तम्बाकू किसी माध्यम से लिया जाए वो शरीर के लिए हानिकारक होता है। ज्यादतर तम्बाकू धूम्रपान के से माध्यम से लिया जाता है। धूम्रपान शरीर के लिए खतरनाक है, क्योंकि यह शरीर को आंतरिक रूप से खोखला बना देता है। शरीर के महत्वपूर्ण अंग फेफड़े हार्ट कोशिकाओं को प्रभावित करता है। कई जानलेवा बीमारी जैस कैंसर हार्ट फेल्योर, फेफड़ा संक्रमण को जन्म देता है। एंजाइटी के अलावा मानसिक बीमारी की चपेट में लोग आ जाते हैं। यानी धूम्रपान करने वालों को तो नुकसान होता ही है, उनके आसपास रहनेवाले भी प्रभावित होते है। कुछ लोग यह कह कर सिगरेट पीते है कि उन्हें इससे फ्रेश महसूस होता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक सिगरेट पीने से जिंदगी के 11 मिनट कम हो जाते हैं। इसके अलावा एक सिगरेट में चार हजार ऐसे केमिकल्स होते हैं, जिससे कैंसर फैलता है। दुनिया में हर छह सेकेंड में एक मौत तंबाकू सेवन होती है। तम्बाकू में कई केमिकल होते हैं, जिनमें निकोटिन प्रमुख है। निकोटिन हमारे नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। दुनिया भर में 70 लाख से ज्यादा लोग हर साल तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के कारण कैंसर व अन्य बीमारियों का शिकार होकर दम तोड़ देते है। सिगरेट में निकोटीन और अन्य जहरीले रसायन हृदय रोग और हार्ट स्टोक के जोखिम को बढ़ा देते हैं। इसकी वजह से स्ट्रोक पैरालिसिस, आशिक अंधापन, बोलने की शक्ति और यहां तक मौत के कारण भी होता है। धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करनेवालों में स्ट्रोक होने की संभावना पेट में कैसर तीन गुना अधिक होती है इसलिए आपसे अनुरोध है तम्बाकू न ले और दूसरों को भी न लेने के लिये जागरुक करें।















