एनएचएआई के अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध, दुकानदारों और किसानों ने डीएम से लगाई मुआवजे की गुहार
गोरखपुर।।।
गोरखपुर के एनएचएआई फोरलेन पर तेनुआ टोल के समीप अतिक्रमण हटाने के खिलाफ सोमवार को दुकानदारों और किसानों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने एक पत्रक सौंपकर तोड़े गए मकानों और दुकानों का मूल्यांकन कर मुआवजा देने की मांग उठाई।
किसानों ने बताया कि तेनुआ गांव में ही टोल प्लाजा स्थित है और वे अपनी भूमिधर व कृषि योग्य भूमि पर रकबे के आधार पर मकान व दुकानें बनाकर जीवन यापन करते हैं। वर्ष 2012 में भूमि अधिग्रहण के दौरान अधिकारियों और किसानों के बीच एक बैठक में समझौता हुआ था, जिसमें तय हुआ था कि हाइवे व सर्विस लेन के किनारे दुकानें खोलकर वे जीवन यापन कर सकेंगे। इसके बावजूद, बीते 19 मार्च को एनएचएआई अधिकारियों ने कथित तौर पर जबरदस्ती और मनमानी करते हुए बुलडोजर चलाकर मकानों व दुकानों को ध्वस्त कर दिया। किसानों का कहना है कि इस भूमि के लिए उन्हें कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया।
इस अन्याय के खिलाफ दुकानदारों और किसानों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगें रखीं। डीएम की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) हिमांशु वर्मा को पत्रक सौंपा गया, जिसमें एनएचएआई से प्रभावित मकानों और दुकानों का उचित मूल्यांकन कर मुआवजा दिलाने की अपील की गई। पत्रक सौंपने वालों में राजकुमार, देवेंद्र गुप्ता, सीताराम, पवन गुप्ता, शिवचरण, इंद्रजीत सहित कई अन्य लोग शामिल रहे। यह घटना क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई और प्रभावितों की मांगों के बीच तनाव को उजागर करती है।















