संपत्ति के लालच में इकलौता बेटा बना कातिल
उत्तर प्रदेश/संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के छांछापार में संपत्ति की लालच में इकलौते बेटे ने ही मां की हत्या कर दी थी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को पुलिस लाइंस के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी बेटे को शक था कि उसकी मां कहीं संपत्ति की वसीयत अपनी दोनों बेटियों के नाम न कर दें। इसीलिए उसने अपनी मां की हत्या कर दी।
एसपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि छांछापार गांव निवासी तीजा देवी (70) पत्नी स्वर्गीय गंगा प्रसाद की मकान के दूसरी मंजिल पर सोते हुए 1/2 मई की रात हत्या कर दी गई थी। वृद्ध महिला का शव चारपाई से नीचे दरवाजे के पास पड़ा था। मौके पर बसूला मिला था, जबकि महिला के जेवरात आदि सामान सुरक्षित थे।
वहीं से पुलिस का शक महिला के करीबियों पर गहराया। पुलिस की विवेचना से हत्या में महिला के इकलौते बेटे अशोक कुमार का नाम प्रकाश में आया। कोतवाल सर्वेश राय ने अपनी टीम के साथ सूचना के आधार पर हत्यारोपी बेटे अशोक को शुक्रवार को पुलिस लाइंस के पास से गिरफ्तार किया।
आरोपी बेटे को शक था कि मां अपनी संपत्ति दोनों बेटियों को कर देगी वसीयत
शादी करीब 22 वर्ष पूर्व हुई थी। उसी दौरान से उसकी मां अलग रहने लगी। उसके पिता स्वर्गीय रंगीलाल नलकूप विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। जिसकी वजह से मां को पेंशन मिलती थी।
मां के नाम से डेढ़ बीघा खेत था । इसके अलावा मां के खाते में 3. 19 लाख रुपये भी जमा थे। पिता के बनवाए दो मंजिला मकान में मां अकेले रहती थी, जबकि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दूसरे दो कमरे के मकान में रहता था।
खेती की उपज और पेंशन की रकम को मां उसे न देकर खुद पूछताछ में आरोपी बेटे अशोक उपभोग करती थी। उसकी दो बहनें ने पुलिस को बताया कि उसकी हैं, जो विवाहित हैं।















