एसपी ने तैयार किया चोरी,नकबजनी रोकने का एक्शन प्लान,रात्रि गश्त की बताए लोकेशन, नहीं तो नपेगें थानेदार।
– पांच साल में चोरी,लूट मामले में प्रकाश में आए आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाएंगी पुलिस
– शहर और कस्बों में किराए के मकान में रहने वालों का होगा सत्यापन
– बीत गया साल,नहीं खुल पाई है 42 घटनाएं
– जवाबदेही तय करके की जाएगी कार्रवाई
संतकबीरनगर।
ठंड की दस्तक के साथ चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। एसपी ने चोरी की घटनाओं को रोकने का एक्शन प्लान तैयार किया है। अब रात्रि गश्त की लोकेशन थानेदारों को प्रतिदिन ह्वाटसएप ग्रुप पर भेजनी होगी। इसमें चूके तो जवाब देना होगा। यदि लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई तय है।
ठंड के मौसम में चोर पुलिस के लिए चुनौती बन जाते हैं। दूसरे जिले के चोर किराए का कमरा लेकर शहर और कस्बों में रहते हैं। उनके गुर्गे रेकी करके पहले खाली मकानों को चिन्हित करते हैं,फिर चोरों का गैंग उस मकान को निशाना बनाता है। गत वर्षों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एडीजी डॉक्टर के एस प्रताप कुमार ने भी चोरी,लूट,छिनैती आदि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार किए जाने का निर्देश दिया था। एसपी सत्यजीत गुप्ता ने एक ह्वाटसएप के साथ स्पेशल पुलिस टीम बनाई है। इसमें विभिन्न शाखाओं में तैनात पुलिस कर्मियों को शामिल किया है। एसओ,चौकी प्रभारियों ,हल्का के दरोगाओं और बीट पुलिस अधिकारियों को हिदायत दिया है कि रात्रि में अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहे। रात्रि गश्त की लोकेशन ग्रुप में भेजे। स्पेशल पुलिस टीम के कर्मी उसकी मॉनिटरिंग करेंगे। मकान मालिकों को निर्देश दिए गए है कि वे किराएदारों के निवास का पता और मोबाइल फोन नंबर अवश्य सत्यापित कर मकान किराए पर दें। घुमंतु लोगों पर पुलिस कर्मी विशेष नजर रखे। पिछले पांच वर्षों में चोरी,नकबजनी,लूट की घटनाओं में प्रकाश में आए अपराधियों की सूची पुलिस तैयार कर रही है। यदि अपराधी दूसरे जनपदों के होंगे तो संबंधित जिलों की पुलिस से उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएंगी। चौकीदारों आदि के माध्यम से सूचना तंत्र को मजबूत कर गांवों में आने वाले संदिग्धों की जानकारी पुलिस जुटाएगी और फिर जांच करके कार्रवाई करेंगी।
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जवाबदेही तय करके की जाएगी कार्रवाई
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 42 घटनाएं नहीं खुल पाई है। इसमें नकबजनी की नौ घटनाएं है। जिसमें छह कोतवाली खलीलाबाद,एक दुधारा और दो घटनाएं धनघटा की है। इसी तरह वाहन चोरी की 18 घटनाएं नहीं खुली है। इसमें 15 कोतवाली खलीलाबाद और एक -एक मामले महुली,धनघटा और मेंहदावल के हैं। इसके अलावा अन्य चोरी की 13 घटनाएं नहीं खुली हैं। जिसमें छह कोतवाली खलीलाबाद,दो घनघटा और पांच बखिरा की है। दो हत्या की घटनाएं भी नहीं खुली है। जिसमें एक बखिरा और एक बेलहर का है। संबंधित एसओ को हिदायत दी गई है कि लंबित चोरी,नकबजनी की घटनाओं का पर्दाफाश करें,अन्यथा जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
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गतिविधियां जांचने के लिए चोरों ,लुटेरों के घर दस्तक देगी पुलिस
पुलिस के ऑकड़े बताते हैं कि वर्ष 2019 में नकबजनी की सात घटनाएं हुई थी,जिसमें 16 चोर प्रकाश में आए थे। इसी तरह वर्ष 2020 में 17 नकबजनी हुई थी और 59 चोर प्रकाश में आए थे। वर्ष 2021 में 15 नकबजनी की घटना हुई थी और 14 चोर चिन्हित हुए थे। वर्ष 2023 में 59 नकबजनी की घटना हुई थी और 90 चोर प्रकाश में आए थे। वर्ष 2024 में 37 नकबजनी हुई थी और करीब 50 चोर चिन्हित हुए थे। इसमें जिले के अलावा बस्ती,गोरखपुर, सिद्धार्थनगर,बाराबंकी और लखनऊ तक चोर शामिल हैं। पुलिस दूसरे जिले के चोरों की गतिविधियों को जांचने के लिए वहां की पुलिस से पत्राचार करेंगी।
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पूर्व में चोरी,नकबजनी और लूट की घटनाओं में प्रकाश में आए अपराधियों की वर्तमान गतिविधि पता कर उनकी निगरानी बढ़ाई जाएगी। रात्रि गश्त की चेकिंग के लिए अलग से टीम गठित की गई है। हर हाल में चोरी ,नकबजनी की घटनाएं रोकी जाएंगी।
सत्यजीत गुप्ता,एसपी















