जांच पड़ताल में निर्दोष मिला मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ा गया युवक।
-मुंबई से ट्रांजिट रिमांड लेकर जिले में आई थी पुलिस
-पुलिस ने युवक से की गहन पूछताछ,जांच में अभिलेख मिले सही
-गोरखपुर रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष युवक को किया पेश, फिर छोड़ा
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उत्तर प्रदेश। संतकबीरनगर।
फर्जी पासपोर्ट के प्रकरण में मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ कर ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया युवक जांच पड़ताल में निर्दोष पाया गया। शनिवार को मामले के विवेचक सीओ सदर ने गोरखपुर रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष युवक को पेश किया। उसके बाद युवक को छोड़ दिया।
विवेचक सीओ सदर अजीत चौहान ने बताया कि पिछले वर्ष एसपी सत्यजीत गुप्ता ने पासपोर्ट सत्यापन में अनियमितता की शिकायत पर पूर्व सीओ अंशुमान मिश्रा से जांच कराई थी। जांच में वर्ष 2020-21 में कुल 101 पासपोर्ट के सत्यापन में हेराफेरी का मामला सामने आया था। 96 ऐसे लोगों को पासपोर्ट सत्यापित कर दिया गया था,जो दर्शाए गए पते पर रहते ही नहीं थे। वे लोग दूसरे जिले के निवासी है। इनमें कई लोगों का नाम पता गलत दर्शाया गया था। इसके अलावा कई ऐसे लोगों का पासपोर्ट सत्यापित कर दिया, जिस पर आपराधिक केस दर्ज है। 47 लोग गलत नाम पते पर पासपोर्ट बनवा कर कांगो, दुबई, बैंकाक, कुवैत, इराक, थाईलैंड, सऊदी आदि देशों में चले गए हैं। इस मामले में कोतवाली खलीलाबाद में पासपोर्ट सेल के तत्कालीन दारोगा, एलआईयू के दीवान, बिचौलिए आदि के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसी प्रकरण में कुछ लोगों को चिन्हित कर पकड़ने के लिए पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। लुक आउट सर्कुलर के जरिए चार नवंबर को छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद अधिकारियों ने सऊदी अरबिया की यात्रा कर लौटने वाले युवक को पकड़ा था। सूचना पर मगहर चौकी इंचार्ज मनीष जायसवाल और हेड कांस्टेबल संपूर्णानंद यादव को पांच नवंबर को मुंबई भेजा गया था। पकड़े गए युवक को वहां से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस टीम जिले में आई। पूछताछ और जांच पड़ताल में युवक के अभिलेख सही पाए गए। शनिवार की शाम को युवक को गोरखपुर के रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से प्रक्रिया पूरी होने के बाद युवक को छोड़ दिया गया। मामले की विवेचना प्रचलित है।















