बदलते मौसम में सेहत का रखें ख्याल ,नहीं तो आ जाएंगे बीमारियों के चपेट में।
उत्तर प्रदेश । गोरखपुर बदलते मौसम में सेहत का बिगड़ना आम बात है, लेकिन कुछ सावधानियां रखी जाए तो स्वास्थ्य संबंधी किसी भी तरह की मुसीबत से बचा जा सकता है. ज्यादातर बारिश के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन कभी-कभी ये सामान्य सी बीमारियां भी थोड़ी सी लापरवाही के चलते जानलेवा साबित हो सकती है. ऐसे में खानपान और दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करके भी मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है. दिविशा हेल्थ केयर के डॉ. धीरज सिंघानिया वरिष्ठ फिजीशियन ने इस मौसमी बीमारियो से बचने का सलाह दिया है।
इस कारण होती है मौसमी बीमारी
मौसम में बदलाव होता है तो शरीर का इम्यून सिस्टम सबसे ज्यादा प्रभावित होता है. इम्यून सिस्टम हमारे शरीर का एक सुरक्षा तंत्र है. जब मौसम में बदलाव होता है तो अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया, वायरस आदि तापमान के अनुसार सक्रिय हो जाते हैं, जो शरीर पर आक्रमण करते हैं. बारिश के मौसम के दौरान यदि शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर होगा, तो बैक्टीरिया आसानी से शरीर को कमजोर करना शुरू कर देते हैं. यही कारण है कि बीमार होने पर डॉक्टर बीमार व्यक्ति को एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं. एंटीबायोटिक दवाएं शरीर पर बैक्टीरिया और वायरस के द्वारा होने वाले बाहरी आक्रमण को खत्म कर देती है. यही नहीं बारिश के मौसम में आसपास कीचड़ और पानी जमा होने से मलेरिया और डेंगू के मच्छर अधिक पैदा होते है, जिससे हमें अधिक खतरा हो सकता है. हमें ध्यान देना होता है कि जल जमाव को पूर्ण रूप से होने ना दें। साथी ही डॉक्टर धीरज सिंघानिया ने कहा इन चीजों को खानपान में करें शामिल
मौसमी बीमारियों से बचने के लिए किचन में ही ऐसी कई चीजें होती है, जिनका सेवन करने से हम अपना इम्यून सिस्टम मजबूत कर सकते हैं. हमारे आहार में रोजाना विटामिन C, विटामिन B12 और विटामिन डी आदि सभी को जरूर शामिल करना चाहिए. विटामिन सी से युक्त आहार इम्यून सिस्टम मजबूत करने में मदद करता है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों व फलों का सेवन करें. मौसमी बीमारियों में श्वसन तंत्र सबसे अधिक प्रभावित होता है।क्योंकि इसके जरिए ही शरीर पर बैक्टीरिया का आक्रमण होता है, इसलिए गर्म पानी की भाप भी जरूर लेना चाहिए. तबीयत ज्यादा खराब होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें, डॉक्टर की निगरानी में सही इलाज करायें।















