उत्तर प्रदेश गोरखपुर। तापमान में आई गिरावट से बुखार व सर्दी खांसी के साथ त्वचा रोग भी बढ़ने लगा है। डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में अपनी त्वचा का ख्याल खुद रखें। ओपीडी में त्वचा रोग के मरीज बढ़ गए हैं। तापमान में गिरावट के बाद एलर्जी और स्केबीज रोग काफी तेजी से बढ़ा है। इससे त्वचा रोगियों की ओपीडी में करीब 50- 60 मरीज बढ़ गए हैं। अस्पताल की ओपीडी में 350 से अधिक मरीज आते हैं। ठंड बढ़ते ही लोग त्वचा संबंधी समस्याओं की चपेट में आने लगे हैं। दाद-खाज, खुजली व त्वचा के फटने सहित त्वचा संबंधी अन्य बीमारियां चपेट में ले रही हैं। अस्पताल में एलर्जी के केस में बच्चों की संख्या भी अधिक है।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि मौसम बदलने के साथ त्वचा रोग लगातार बढ़ रहा है। तापमान कम होने के बाद शुष्क त्वचा के मामले ज्यादा आ रहे हैं। बताया कि स्केबीज संक्रामक होता है, यदि घर के किसी एक व्यक्ति को है तो परिवार के दूसरे लोगों को होने का खतरा रहता है। ऐसे में डॉक्टर परिवार के सभी लोगों को उपचार लेने के लिए जागरूक कर रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि अगर परिवार के सभी लोग उपचार नहीं लेंगे तो बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाएगी। इस रोग में मरीज के शरीर पर दाने और खुजली होने लगती है।
नारियल तेल की मालिश करें चर्म रोग विशेषज्ञ के अनुसार, मौसम में बदलाव पर त्वचा का ख्याल जरूर रखना चाहिए। नहाने के बाद जौ या नारियल तेल की शरीर पर मालिश करें और सफाई का ध्यान रखें। कपड़ों को गर्म पानी में धोएं और अच्छी तरह सुखाएं। इसके साथ ही अगर खुजली हो तो डॉक्टरों की परामर्श के साथ इलाज कराएं।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है स्केबीज
स्केबीज घुन से होने वाला त्वचा का संक्रमण है। जब घुन त्वचा की परत को भेदकर अंदर प्रवेश कर जाता है, तब यह समस्या होती है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से स्केबीज फैलता है। यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। त्वचा संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ी है। स्केबीज के काफी रोगी आ रहे हैं।–
–डॉ. संतोष सिंह चर्म रोग विशेषज्ञ
डॉ.संतोष सिंह कहते हैं कि ऐसे लोग जिन्हें स्केबीज हो जाए वह कपड़ों को भी हर दिन बदल लें। संभव हो तो वह इसे घर के कपड़ों से अलग साफ करें।















