सीडीओ के निरीक्षण के बाद विकास भवन में चला विशेष सफाई अभियान
कार्यालयों में गंदगी मिलने पर जताई थी नाराजगी, अनुपस्थित कर्मचारियों को भी जारी हुआ था नोटिस
गोरखपुर। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी के औचक निरीक्षण के बाद शुक्रवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया। बृहस्पतिवार को निरीक्षण के दौरान कार्यालयों और परिसर में गंदगी मिलने तथा कुछ कर्मचारियों के अनुपस्थित पाए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने संबंधित कार्यालय प्रभारियों को जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक से करने की हिदायत देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
शुक्रवार सुबह नाजिर की मौजूदगी में विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों और पूरे परिसर में सफाई कराई गई। कार्यालयों में जमा धूल-मिट्टी, फाइलों और सामान के आसपास की गंदगी हटाई गई। इसके साथ ही गलियारों, सीढ़ियों और परिसर के अन्य हिस्सों की भी सफाई कराई गई। अभियान के दौरान कर्मचारियों में भी साफ-सफाई को लेकर सक्रियता दिखाई दी।
दरअसल, बृहस्पतिवार को सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कई कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली थी। परिसर में भी जगह-जगह गंदगी दिखाई दी थी। कुछ कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले थे। इस पर सीडीओ ने संबंधित कार्यालय प्रभारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे।
नियमित सफाई पर उठे सवाल
निरीक्षण के अगले ही दिन विशेष सफाई अभियान चलने से यह सवाल भी उठा कि यदि नियमित रूप से साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाता तो कार्यालयों और परिसर में गंदगी जमा होने की स्थिति नहीं बनती। सरकारी कार्यालयों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना केवल निरीक्षण या अधिकारियों की नाराजगी के बाद की कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे रोजमर्रा की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाना जरूरी है।
विकास भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी, ग्रामीण और विभिन्न विभागों से जुड़े लोग अपने काम के सिलसिले में पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालयों और परिसर की स्वच्छता सरकारी व्यवस्था की छवि से भी जुड़ी है। विशेष सफाई अभियान के बाद अब जरूरत इस बात की है कि यह व्यवस्था नियमित बनी रहे, ताकि विकास भवन आने वाले लोगों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।















