समाधान दिवस में 155 फरियादियों की सुनवाई, 33 शिकायतों का निस्तारण
तीनों तहसीलों में अधिकारियों ने सुनीं समस्याएं, 11 मामलों में स्थलीय निरीक्षण के निर्देश
संतकबीरनगर। जिले की तीनों तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। कुल 155 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 33 का मौके पर निस्तारण कराया गया। वहीं, 11 मामलों में स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई के लिए टीमें भेजने के निर्देश दिए गए।
खलीलाबाद में एसपी-एसडीएम ने सुनीं शिकायतें
खलीलाबाद तहसील में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना और उप जिलाधिकारी हृदय राम तिवारी की मौजूदगी में शिकायतों की सुनवाई हुई। यहां कुल 79 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से सात का मौके पर निस्तारण कराया गया। सात मामलों में स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए।
एसडीएम ने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर फरियादियों को संतुष्ट करना प्राथमिकता है। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने थानाध्यक्षों को पुलिस से संबंधित शिकायतों में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के निर्देश दिए। इस दौरान सीओ खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय और तहसीलदार अनुराग यादव मौजूद रहे।
मेहदावल में एडीएम ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
मेहदावल तहसील में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में सुनवाई हुई। यहां 24 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से तीन का मौके पर निस्तारण कराया गया। चार मामलों में स्थलीय निरीक्षण के लिए टीम भेजी गई।
एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनकर आवश्यक जांच के बाद निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और तहसीलदार अल्पिका वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
धनघटा में 52 शिकायतें, 23 का मौके पर निस्तारण
धनघटा तहसील में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। यहां कुल 52 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 23 का मौके पर निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा में निस्तारण के निर्देश दिए गए।
सीडीओ ने भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण, वरासत और खतौनी में त्रुटियों से संबंधित मामलों में मौके की जांच कर दोनों पक्षों को सुनने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया। इस अवसर पर एसडीएम वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, तहसीलदार प्रतिमा मौर्य सहित राजस्वकर्मी और लेखपाल मौजूद रहे।
समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए। प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच कर समयसीमा के भीतर निष्पक्ष निस्तारण किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।















