गोकशी के वांछित आरोपी को मुठभेड़ में लगी गोली, गिरफ्तार बछड़े की चोरी कर वध करने का आरोप, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई; .315 बोर का तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद

गोकशी के वांछित आरोपी को मुठभेड़ में लगी गोली, गिरफ्तार

बछड़े की चोरी कर वध करने का आरोप, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई; .315 बोर का तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद

संतकबीरनगर। गोकशी के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची धनघटा पुलिस और एसओजी टीम की रविवार को कुआनो नदी के किनारे मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल खलीलाबाद में भर्ती कराया। उसके कब्जे से .315 बोर का अवैध देशी तमंचा, एक मिस कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया।

जिला अस्पताल पहुंचे पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बताया कि क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में धनघटा थाने में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में वांछित आरोपी महबूब पुत्र नूर हसन उर्फ ढिमल निवासी मैली की तलाश की जा रही थी।

पुलिस के मुताबिक, रविवार को सूचना मिली कि 10 सितंबर की रात बछड़े की चोरी कर उसका वध करने के मामले में वांछित महबूब ग्रामसभा खाजोपुरवा मैली स्थित कुआनो नदी के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही धनघटा पुलिस और एसओजी टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।

पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें महबूब के बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को तत्काल पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल खलीलाबाद ले जाया गया। एसपी संदीप कुमार मीना ने अस्पताल पहुंचकर उसके उपचार की स्थिति की जानकारी ली।

आर्म्स एक्ट में भी मुकदमा दर्ज

पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से बरामद अवैध तमंचे, कारतूस और खोखे के आधार पर धनघटा थाने में आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद असलहे को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मुठभेड़ की घटना के संबंध में नियमानुसार जांच और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी प्रचलित है।

पूछताछ में दो साथियों के नाम बताए

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी महबूब ने बताया कि 10 सितंबर की रात उसने अपने साथी जहूर और सद्दाम के साथ मिलकर एक बछड़े की चोरी की थी। पुलिस का दावा है कि चोरी किए गए बछड़े का वध करने के बाद उसका मांस जहूर के घर पर रखा गया था, जबकि अवशेषों को नदी में बहा दिया गया था। घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए महबूब इधर-उधर छिपकर रह रहा था। रविवार को घर की ओर लौटते समय पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

इनकी रही अहम भूमिका

मुठभेड़ में धनघटा थाना पुलिस की टीम में प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, निरीक्षक रामेश्वर यादव, चौकी प्रभारी लोहरैया उपनिरीक्षक मुकेश कुमार गुप्ता, कांस्टेबल रविंद्र निषाद, सलमान अंसारी और जितेंद्र यादव शामिल रहे। वहीं एसओजी टीम में प्रभारी उपनिरीक्षक रजनीश राय, हेड कांस्टेबल अनुप कुमार राय, कांस्टेबल दीपक सिंह, अभिषेक सिंह, सर्वेश मिश्रा, विवेक राय और शुभम सिंह शामिल रहे। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

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