एम्स का बंद गेट नंबर-3 खोलने की मांग, डीएम कार्यालय पहुंचा संगठन
राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, मरीजों और तीमारदारों की परेशानी का उठाया मुद्दा
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर का गेट नंबर-3 कई महीनों से बंद होने का मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। मरीजों और तीमारदारों की परेशानी को देखते हुए प्रताप वाहिनी सामाजिक संस्था ने गेट शीघ्र खुलवाने की मांग की है। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि एम्स में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें गंभीर मरीज, बुजुर्ग, महिलाएं और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोग शामिल हैं। गेट नंबर-3 बंद होने से लोगों को गेट नंबर-2 से लंबा रास्ता तय कर परिसर में प्रवेश करना पड़ रहा है।
संस्था का कहना है कि एक प्रमुख गेट से आवागमन होने के कारण वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे आसपास जाम की स्थिति बनती है। इसका असर मरीजों और उनके परिजनों के साथ एंबुलेंस के आवागमन पर भी पड़ सकता है।
राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गेट नंबर-3 हजारों मरीजों और तीमारदारों की सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रवेश मार्ग है। ज्ञापन में प्रशासन से एम्स प्रबंधन से समन्वय कर गेट खुलवाने की मांग की गई। संस्था ने कहा कि इससे मरीजों को राहत मिलने के साथ यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।















