CEIR से 826 मोबाइल बरामद, 1.49 करोड़ के फोन लौटाए गोरखपुर पुलिस ने अब तक 3463 एंड्रॉयड मोबाइल खोज निकाले, कीमत 5.98 करोड़ रुपये के पार

CEIR से 826 मोबाइल बरामद, 1.49 करोड़ के फोन लौटाए

गोरखपुर पुलिस ने अब तक 3463 एंड्रॉयड मोबाइल खोज निकाले, कीमत 5.98 करोड़ रुपये के पार

गोरखपुर। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से पुलिस ने अभियान के 11वें चरण में 826 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 49 लाख 1 हजार 394 रुपये है। मंगलवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी निमिष पाटील ने इसकी जानकारी दी। इस दौरान एएसपी अरुण कुमार एस भी मौजूद रहे।

एसपी सिटी ने बताया कि गुम अथवा चोरी हुए मोबाइलों की सूचना विभिन्न थानों के माध्यम से CEIR पोर्टल पर दर्ज कराई जाती है। दोबारा किसी नेटवर्क पर मोबाइल सक्रिय होने पर पोर्टल से उसकी ट्रेसबिलिटी डिटेल प्राप्त होती है। इसके आधार पर पुलिस मोबाइल की लोकेशन और उसमें इस्तेमाल हो रहे सिम की जानकारी जुटाकर संबंधित व्यक्ति तक पहुंचती है और फोन बरामद करती है।

11 चरणों में 3463 मोबाइल बरामद

CEIR पोर्टल के जरिए गोरखपुर पुलिस ने अब तक 11 चरणों में 3463 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी कुल अनुमानित कीमत 5 करोड़ 98 लाख 36 हजार 978 रुपये बताई गई है।

मोबाइल बरामदगी का अभियान सितंबर 2023 में शुरू हुआ था। पहले चरण में चार मोबाइल बरामद हुए थे। इसके बाद दूसरे चरण में 29, तीसरे में 51, चौथे में 77, पांचवें में 120, छठे में 267 और सातवें चरण में 224 मोबाइल बरामद किए गए।

आठवें चरण में 260, नौवें में 753 और दसवें चरण में सर्वाधिक 852 मोबाइल बरामद किए गए। अब 11वें चरण में 826 मोबाइल की बरामदगी हुई है।

CCTNS सेल की अहम भूमिका

अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान में थानों के CCTNS कार्यालयों में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पोर्टल से प्राप्त ट्रेसबिलिटी और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीमें मोबाइलों की तलाश करती हैं।

एसपी सिटी ने बताया कि सीसीटीएनएस सेल के कंप्यूटर ऑपरेटर विकास कुमार और अजीत कुमार भी पोर्टल से संबंधित कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल इसकी सूचना दर्ज कराएं और मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। मोबाइल दोबारा नेटवर्क पर सक्रिय होने पर CEIR के माध्यम से उसकी ट्रेसबिलिटी मिलने की संभावना रहती है।

पुलिस के अनुसार अभियान आगे भी जारी रहेगा। इससे लोगों को उनके खोए मोबाइल वापस मिलने के साथ मोबाइल चोरी और गुमशुदगी से जुड़े मामलों की जांच में भी तकनीकी मदद मिल रही है।

Previous articleप्रो. केपी सिंह ने डीडीयू विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार संभाला शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध-नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा को देंगे प्राथमिकता

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here