तंबाकू सेवन के बावजूद कैंसर इलाज का खर्च देने का आदेश, बीमा कंपनी पर 2.10 लाख की क्षतिपूर्ति भी
जिला उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, 10 लाख रुपये ब्याज समेत अदा करने के निर्देश
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्वास्थ्य बीमा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बीमा कंपनी को बड़ा झटका देते हुए कैंसर इलाज का दावा खारिज करने को अनुचित माना है। आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह एवं महिला सदस्य संतोष ने बीमा कंपनी को इलाज में खर्च हुए धन में से 10 लाख रुपये ब्याज सहित अदा करने तथा 2 लाख 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
वादी अनिल सिंह ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से आयोग में वाद दाखिल कर बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस से 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराया था। बीमा लेते समय उन्होंने अपने खानपान एवं तंबाकू/सुरती सेवन की जानकारी कंपनी को दी थी, जिसके एवज में अतिरिक्त प्रीमियम भी जमा किया जा रहा था।
वादी के अनुसार वर्ष 2024 में पित्ताशय की पथरी के ऑपरेशन में लगभग 29 हजार रुपये खर्च हुए, लेकिन बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया। बाद में नवंबर 2024 में मुंह में गांठ होने पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान गोरखपुर में जांच के दौरान कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद फरीदाबाद स्थित एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में इलाज और ऑपरेशन कराया गया, जिसमें कुल 14 लाख 86 हजार 72 रुपये खर्च हुए।
वादी का आरोप था कि सभी दस्तावेज और दावे प्रस्तुत करने के बावजूद बीमा कंपनी ने यह कहते हुए दावा निरस्त कर दिया कि तंबाकू सेवन बीमा कवर में शामिल नहीं है। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग की शरण ली।
मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया। आयोग ने वर्ष 2024 के 29 हजार रुपये और वर्ष 2025 में इलाज पर हुए कुल खर्च में से बीमा राशि 10 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया। साथ ही मानसिक एवं आर्थिक क्षति के लिए 2 लाख 10 हजार रुपये अतिरिक्त क्षतिपूर्ति 60 दिनों के भीतर अदा करने के निर्देश भी दिए गए।















