राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड 1,94,393 वाद निस्तारित: 15 करोड़ से अधिक की समझौता राशि
रायबरेली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आज जनपद न्यायालय रायबरेली में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन हुआ। मा. जनपद न्यायाधीश अमित पाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत का शुभारंभ मुख्य अतिथि मा. प्रशासनिक न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस एक दिवसीय आयोजन में कुल 1,94,393 वाद सफलतापूर्वक निस्तारित किए गए, जबकि समझौता राशि 15 करोड़ रुपये से अधिक रही।
कार्यक्रम का उद्घाटन न्यायमूर्ति द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्पण कर किया गया। सम्बोधन में न्यायमूर्ति ने कहा कि न्याय व्यवस्था में वादकारियों का हित सर्वोपरि है। लंबित मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निपटाकर आमजन को सुलभ, सुगम और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमोद कंठ ने बताया कि इस लोक अदालत में बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों के प्री-लिटिगेशन स्तर के बड़े पैमाने पर मामले निस्तारित हुए। मौके पर ही समझौते कराए गए। ई-चालान, चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट), वैवाहिक विवाद सहित अन्य श्रेणियों के मुकदमे प्रमुख रहे। कई तलाक के कगार पर खड़े जोड़ों का सुलह कराकर पारिवारिक जीवन बचाया गया।
लोक अदालत में जिला कारागार रायबरेली के बंदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प की प्रदर्शनी दीवानी न्यायालय परिसर में लगाई गई। साथ ही उद्योग विभाग द्वारा ‘एक जिला एक उत्पाद’ की विशेष प्रदर्शनी भी सजाई गई। आमजन की सुविधा के लिए न्यायालय परिसर में कई स्थानों पर सहायता पटल एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए गए।
आयोजन में जिला जज अमित पाल सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय भूपेन्द्र राय, चेयरमैन-मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण प्रफुल्ल कमल, अपर प्रधान न्यायाधीश चन्द्रमणि मिश्रा, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी अनिल कुमार-पंचम, प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश कुशल पाल, अपर जिला जज अमित कुमार पाण्डेय (नोडल अधिकारी), मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवन कुमार सिंह सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।















