परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन विस्थापन पर बैठक: डीएम हर्षिता माथुर ने दिए शीघ्र पूर्ण करने के सख्त निर्देश, 97 विद्यालयों में बजट जारी

परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन विस्थापन पर बैठक: डीएम हर्षिता माथुर ने दिए शीघ्र पूर्ण करने के सख्त निर्देश, 97 विद्यालयों में बजट जारी

रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में परिषदीय विद्यालयों के परिसर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों के विस्थापन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विद्यालय परिसरों को हाईटेंशन लाइनों से मुक्त बनाना था।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने बैठक में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में कुल 204 परिषदीय विद्यालय ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनके ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइनें गुजर रही हैं। इनमें से 97 विद्यालयों में लाइनों के विस्थापन के लिए विद्युत विभाग को बजट जारी कर दिया गया है। शेष विद्यालयों में कार्य प्रगति पर नजर रखी जा रही है।

जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सख्त निर्देश दिए कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विद्युत विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें और विस्थापन का कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई विद्यालय अभी भी शेष रह गया है, जहां परिसर के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं, तो उनकी सूची तुरंत तैयार की जाए। लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जनपद का कोई भी परिषदीय विद्यालय ऐसा न रहे, जिसके परिसर के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही हो। इससे छात्रों की सुरक्षा में जोखिम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

डीएम ने जोर दिया कि हाईटेंशन लाइनों के कारण होने वाले संभावित खतरे जैसे बिजली गिरने, शॉर्ट सर्किट या दुर्घटना को देखते हुए यह कार्य प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि बजट जारी होने के बाद कार्य में तेजी लाई जाए और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल कुमार यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह सहित विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

यह बैठक रायबरेली जिले में शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशासन की संवेदनशीलता और सक्रियता को दर्शाती है। डीएम के निर्देशों से उम्मीद है कि शीघ्र ही सभी चिन्हित विद्यालय हाईटेंशन लाइनों से मुक्त हो जाएंगे, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

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