विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की सुनवाई प्रक्रिया तेज: डीएम हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों के साथ बैठक, 1.21 लाख से अधिक नोटिसों पर सुनवाई पूरी
रायबरेली। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के संबंध में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर जनपद की सभी विधानसभाओं में मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन एवं पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से संबंधित कुल 4,66,583 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने थे। अब तक 4,66,548 नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इनमें से 2,37,456 से अधिक नोटिस बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा संबंधित मतदाताओं तक पहुंचा दिए गए हैं। प्राप्त नोटिसों में से अब तक लगभग 1,21,713 नोटिसों पर सुनवाई पूरी की जा चुकी है।
सुनवाई प्रक्रिया को सुचारू और मतदाता-अनुकूल बनाने के लिए जनपद में 2451 बूथों पर प्रत्येक बीएलओ के साथ एक-एक सहायक नियुक्त किया गया है। ये सहायक प्रतिदिन बूथ स्तर पर नोटिसों की सुनवाई सुनिश्चित करेंगे।
डीएम ने स्पष्ट किया कि विगत एसआईआर 2003 से मैपिंग न होने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के दौरान जन्मतिथि/जन्म स्थान प्रमाणित करने वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। तार्किक विसंगतियों वाले मामलों में केवल संबंधित अभिलेख दिखाने की आवश्यकता होगी। मतदाता स्वयं उपस्थित होकर या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से दस्तावेज जमा कर सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि जहां बूथों पर ब्लॉक लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त नहीं हैं, वहां तुरंत बीएलए नियुक्त कर बीएलओ को सहयोग प्रदान करें। साथ ही नए मतदाताओं, विशेषकर महिला मतदाताओं के अधिक से अधिक पंजीकरण कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी सिद्धार्थ, उप जिलाधिकारी विवेक राजपूत, प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी फिरोज अहमद सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह बैठक मतदाता सूची को शुद्ध और समावेशी बनाने की दिशा में प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के तहत तेजी से चल रही सुनवाई प्रक्रिया से जनपद में मतदाता सूची की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।















