डीएम हर्षिता माथुर ने ग्राम चौपाल में सुनी जनता की पुकार, कम्पोजिट विद्यालय में एमडीएम शेड व स्मार्ट क्लास का उद्घाटन
रायबरेली।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने विकास खंड अमावां के ग्राम पंचायत बहादुर नगर के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित ग्राम चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। चौपाल में बिजली, सड़क, पेंशन, स्वच्छ पेयजल, राशन वितरण, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
डीएम ने वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थी योजनाओं से वंचित न रहें। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अधिकांश योजनाओं का लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की हेल्प डेस्क लगाई गईं, स्वास्थ्य कैंप आयोजित हुआ तथा विकसित भारत ग्रामीण गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका योजना के बारे में जागरूकता फैलाई गई।
इससे पहले जिलाधिकारी ने कम्पोजिट विद्यालय बहादुर नगर में मनरेगा योजना से निर्मित मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) शेड और अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान करेंगी।
चौपाल में डीएम ने विज्ञान क्विज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कक्षा-8 की छात्रा शिवांशी को साइकिल, कक्षा-8 के उमेश, विशाल, आदर्श तथा कक्षा-7 के सुरजीत को किट वितरित कर सम्मानित किया। हौसिला, छाया, ज्ञान और राग स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में 1.5 लाख रुपये के डेमोचेक दिए। ममता और शर्मिला को लखपति दीदी के रूप में प्रशस्ति पत्र तथा दयाराम, रामचरन, रामफेर और सविता को मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत डीजल पम्प सेट वितरित किए। विद्यालय के सभी बच्चों को स्टेशनरी किट भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार शर्मा, पीडी डीआरडीए सतीश प्रसाद मिश्रा, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार, डीसी एनआरएलएम सविता सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी सौम्य शील सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, खंड विकास अधिकारी संदीप सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी ऋचा सिंह, ग्राम प्रधान नीलम सिंह सहित अन्य अधिकारी और क्षेत्रीय निवासी उपस्थित रहे।
डीएम की यह सक्रियता ग्रामीण विकास, शिक्षा सुधार और जन-समस्याओं के समाधान में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।















