डीएम रायबरेली ने की सख्त कार्रवाई: फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर दो संविदा कर्मचारियों की सेवा तत्काल समाप्त
डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति संतोषजनक नहीं, न्यूनतम प्रदर्शन वाले कर्मचारियों की प्रतिदिन समीक्षा के निर्देश
रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंजीकरण की प्रगति, डेटा की शुद्धता और सर्वे कार्यों की गहन समीक्षा की गई।डीएम ने डिजिटल क्रॉप सर्वे को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। कार्य में शिथिलता और लापरवाही बरतने के कारण कृषि विभाग के दो संविदा कर्मचारियों आजाद पाण्डेय (बीटीएम, छतोह) और प्रवीण पाण्डेय (एटीएम, ऊँचाहार) की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के आदेश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि न्यूनतम प्रगति वाले कर्मचारियों पर विशेष नजर रखी जाए। उप निदेशक कृषि को आदेश दिया गया कि प्रतिदिन कृषि एवं पंचायत विभाग के न्यूनतम प्रगति वाले 10 कर्मचारियों और उनसे संबंधित एडीओ कृषि व एडीओ पंचायत की सायंकाल 7:00 बजे बचत भवन कलेक्ट्रेट सभागार में व्यक्तिगत समीक्षा की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) अमृता सिंह, उप निदेशक कृषि विनोद कुमार, उपायुक्त मनरेगा प्रमोद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी सौम्यशील सिंह सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
डीएम ने बैठक के अंत में कहा कि किसानों के हित में चलाए जा रहे इन डिजिटल अभियानों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्तर पर पूर्ण जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।















