डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में ढिलाई पर सख्ती: वेतन रोकने का अल्टीमेटम, दूसरे ग्राम पंचायतों में तत्काल शुरू कराने के निर्देश
गोरखपुर। स्वच्छता व्यवस्था को नियमित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए पंचायत स्तर पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार सुबह 11:30 बजे उपनिदेशक (पंचायत), गोरखपुर मंडल हिमांशु शेखर ठाकुर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकासखंड बांसगांव, बड़हलगंज, बेलघाट, भरोहिया, भटहट, ब्रह्मपुर, कैंपियरगंज, चरगांव और गगहा के समस्त एडीओ पंचायत, सचिवों और खंडप्रेरकों के साथ डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की समीक्षा बैठक की।
समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश सचिव अपने क्लस्टर की एक ग्राम पंचायत में कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था चला रहे हैं, जबकि दूसरे ग्राम पंचायत में यह व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। बैठक में यह भी पाया गया कि करीब 40 सचिव दोनों ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करा रहे हैं, वहीं लगभग 15 सचिवों द्वारा एक ग्राम पंचायत में शुरू किया गया कार्य बीच में ही बंद कर दिया गया है।
इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए उपनिदेशक (पंचायत) ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले सप्ताह मंगलवार तक सभी सचिव अपने क्लस्टर की दोनों ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू कराएं और यह व्यवस्था किसी भी स्थिति में बाधित न हो। उन्होंने चेताया कि निर्देशों की अनदेखी की स्थिति में जनवरी माह का वेतन निर्गत नहीं किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में आरआरसी सेंटरों की कार्यप्रणाली पर भी जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि वहां तैयार हो रहे वर्मी कम्पोस्ट को क्रियाशील बनाया जाए, ताकि ग्राम पंचायतें स्वच्छता के साथ-साथ स्वयं की आय सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ सकें। प्रशासन ने साफ किया कि स्वच्छता अभियान को औपचारिकता नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली व्यवस्था के रूप में लागू किया जाएगा।
उपनिदेशक ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन का असली लक्ष्य सिर्फ कूड़ा इकट्ठा करना नहीं, बल्कि गांवों को खुले में शौच मुक्त और स्वच्छ बनाना है। इसके लिए सचिवों और खंडप्रेरकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। बैठक में सभी सचिवों को अपने क्लस्टर की प्रगति रिपोर्ट अगले सप्ताह तक प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।















