गोरखपुर को मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कार: राष्ट्रपति के हाथों सम्मान

गोरखपुर को मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कार: राष्ट्रपति के हाथों सम्मान

 

गोरखपुर। गोरखपुर नगर निगम को जल संचयन जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0) में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2025 में देशभर में तीसरा और उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह सम्मान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल को प्रदान किया। नगर निगम को प्रशस्ति पत्र के साथ 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली।

यह सम्मान वर्षा जल संचयन, तालाब-कुओं की सफाई, नदी-नालों के पुनर्जीवन और विशेष रूप से तकिया घाट पर स्थापित नेचुरल वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम जैसे नवाचारी प्रयासों की देशव्यापी सराहना है। बिना रसायन के प्रदूषित रामगढ़ ताल के पानी को प्राकृतिक तरीके से शुद्ध करने वाला यह ‘गोरखपुर मॉडल’ अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित है।

महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा, “यह पुरस्कार गोरखपुर की 22 लाख जनता की सामूहिक जीत है। हर नागरिक ने अभियान में सहयोग दिया। हम इसे और आगे बढ़ाएंगे।”

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा, “जन भागीदारी से जल संरक्षण जन आंदोलन बना। तालाबों की सफाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नेचुरल फिल्ट्रेशन सिस्टम जैसे कदमों को देश ने सराहा। 2 करोड़ की राशि से हम और जल स्रोत पुनर्जीवित करेंगे।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पर्यावरण संरक्षण नीति और मार्गदर्शन का यह शानदार परिणाम है। गोरखपुर अब शिक्षा-संस्कृति के साथ-साथ जल संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल शहर बन गया है। नगर निगम ने सभी नागरिकों से अपील की कि जल बचाओ-शहर बचाओ अभियान में निरंतर योगदान दें।

यह सम्मान गोरखपुर के लिए गर्व का क्षण है और भविष्य में स्वच्छ, हरित व जल-सुरक्षित शहर बनाने की प्रेरणा देगा।

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