छठ महापर्व समापन: उगते सूर्य को अर्घ्य, गोरखपुर में श्रद्धा और व्यवस्था का अनुपम दृश्य
गोरखपुर। लोक आस्था का महापर्व छठ सोमवार सुबह भक्ति और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। नहाए-खाए से शुरू हुए चार दिवसीय व्रत के अंतिम दिन हजारों व्रती महिलाओं ने राजघाट, रामघाट, गोरखनाथ घाट, रामगढ़ताल, महेशरा, चिलुआताल, झगहा, पीपीगंज, कैम्पियरगंज, रोहिणी, मीरपुर सहित 100+ घाटों और गांवों के पोखरों पर उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। पूर्व दिशा में पहली किरण फूटते ही जल में खड़ी महिलाओं ने दूध, गंगाजल और फल चढ़ाकर केलवा जस सोनवा… और उठउ हे सूर्य देव गीतों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। चाक-चौबंद सुरक्षा व सफाई
एडीजी मुथा अशोक जैन, डीआईजी एस. चनप्पा, मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, डीएम दीपक मीणा और एसएसपी राज करन नय्यर ने घाटों का दौरा कर सुरक्षा, प्रकाश और सफाई की समीक्षा की। एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी साउथ जितेंद्र कुमार ने क्षेत्रीय निगरानी की। यातायात प्रभारी राजकुमार पांडेय ने ट्रैफिक सुचारू रखा। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल और महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के निर्देशन में 46 मुख्य + 64 अन्य घाटों पर: 3200+ सफाईकर्मी
110 पानी टैंकर
20,000+ स्ट्रीट लाइट
180+ एप्रोच मार्ग/तालाब सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में डीपीआरओ नीलेश सिंह ने फिसलन रोकने हेतु रेत-मिट्टी की व्यवस्था की। जल पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी और गोताखोर दल तैनात रहे। ड्रोन व सीसीटीवी से भीड़ पर नजर रखी गई। प्रशासनिक समन्वय
डीएम दीपक मीणा ने सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, एडीएम विनीत कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता सहित सभी अधिकारियों को घाटों की जिम्मेदारी सौंपी। चिकित्सा, जल गहराई और आपात सहायता सुनिश्चित रही। आभार व संदेश
डीएम दीपक मीणा और एसएसपी राज करन नय्यर ने श्रद्धालुओं, व्रतियों, सफाईकर्मियों और पुलिसकर्मियों को धन्यवाद देते हुए कहा, “गोरखपुर में छठ पर्व शांति, अनुशासन और भक्ति का प्रतीक बना। यह प्रशासनिक समन्वय और जनसहयोग का अनुपम उदाहरण है।”
घाटों पर दीपों की रौशनी, लोकगीतों की लय और सूर्य आराधना का यह दृश्य गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई दे गया।















