छठ महापर्व 25 अक्टूबर से: डीएम-एसएसपी ने सुरक्षा-स्वच्छता पर जोर
गोरखपुर। पूर्वांचल की आस्था का प्रतीक छठ महापर्व 25 अक्टूबर से नहाए-खाए के साथ शुरू होगा। इसकी शानदार तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 को जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, सीओ, डीपीआरओ, नगर पंचायत और नगर निगम अधिकारियों के साथ छठ घाटों की समीक्षा की।डीएम मीणा ने जोर देकर कहा, “छठ पूर्वांचल की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है। इसे सुरक्षित, स्वच्छ और शांतिपूर्ण माहौल में मनाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने घाटों की सफाई, रोशनी, पेयजल, बैरिकेटिंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। घाटों के आसपास सड़कों की मरम्मत, भीड़ प्रबंधन, महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
नगर निगम और ग्राम पंचायतों को पूजा सामग्री या कूड़ा नदी में फेंकने से रोकने और डस्टबिन लगाने के आदेश दिए गए।एसएसपी नय्यर ने सुरक्षा पर बल देते हुए सभी क्षेत्राधिकारियों को पर्याप्त पुलिस बल, गोताखोर, जल पुलिस और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए। हर घाट पर कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा गया, ताकि भीड़ पर नजर रखी जा सके।
प्रशासन के अनुसार, शहर के प्रमुख घाट राप्ती नदी का राम घाट, गोरखनाथ घाट, रोहिणी घाट, महेसरा, रामगढ़ताल, सहजनवां, भटहट, जंगल कौड़ियां, बांसगांव और ग्रामीण क्षेत्रों के घाटों पर सफाई व सजावट का कार्य जोरों पर है। 27 अक्टूबर को व्रतधारी डूबते सूर्य को और 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे, जिसके लिए लाखों श्रद्धालु घाटों पर जुटेंगे।
डीएम ने “जीरो वेस्ट इवेंट” का लक्ष्य रखते हुए अव्यवस्था या दुर्घटना रोकने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को 25 अक्टूबर तक प्रकाश और स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करने को कहा गया। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग, स्वच्छता और अनुशासन की अपील की, ताकि पर्व श्रद्धा और सामूहिकता के साथ मनाया जा सके।















