दीपावली की खुशियाँ साझा: चतुर्वेदी परिवार की परंपरा बनी मिसाल

दीपावली की खुशियाँ साझा: चतुर्वेदी परिवार की परंपरा बनी मिसाल

संतकबीरनगर। दीपावली के पावन पर्व पर प्रकाश का संदेश साझा करते हुए सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी, पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी और परिवार के युवराजों ने सोमवार को स्थानीय लोगों के साथ खुशियाँ बाँटी। भिठहा गांव में चतुर्वेदी आवास पर सैकड़ों महिला-पुरुष और बच्चों को अंगवस्त्र, मिठाई तथा नकदी भेंट कर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। यह वर्षों पुरानी दान-पुण्य की परंपरा न केवल समाजसेवा का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक सद्भाव की मिसाल भी कायम की।सुबह से ही शुभचिंतकों का ताँता लग गया। लोगों ने डॉ. उदय प्रताप और राकेश चतुर्वेदी से मिलकर पर्व की शुभकामनाएँ दीं। इसी बीच, परिवार ने सैकड़ों जरूरतमंदों को मिठाई, अंगवस्त्र तथा नकदी वितरित की। युवराज अखंड प्रताप चतुर्वेदी, राजन चतुर्वेदी तथा रजत चतुर्वेदी ने सक्रिय भूमिका निभाई, लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और खुशियाँ बाँटीं।

यह दृश्य परिवार की जड़ों में बसी परंपरा को जीवंत कर गया, जो शिक्षा, चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में सूर्या ग्रुप की पहचान को और मजबूत करता है।डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा, “प्रकाश का पर्व होने पर दीपावली हमें एक-दूसरे की खुशियों को साझा करने की सीख देता है।

वर्षों से चली आ रही दान-पुण्य की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी। समाज में प्रेम और सद्भाव फैलाने के लिए हर व्यक्ति को मिल-जुलकर पर्व मनाने चाहिए।” पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने भावुक स्वर में कहा, “प्रकाश का यह पर्व हर चेहरे पर मुस्कान लाए। ईश्वर से प्रार्थना है कि प्रकाश हर घर में फैले।” उन्होंने शुभचिंतकों को पर्व की शुभकामनाएँ दीं।यह आयोजन सूर्या ग्रुप की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो खलीलाबाद और संतकबीरनगर में शिक्षा (सूर्या एकेडमी) और चिकित्सा (सूर्या हॉस्पिटल) के माध्यम से लाखों लोगों को लाभ पहुँचा रहा है। परिवार की यह परंपरा न केवल सामाजिक एकता को मजबूत करती है, बल्कि जरूरतमंदों के लिए प्रकाश का दीपक भी बनती है।

समारोह में अभयनंद सिंह, खलीलाबाद प्रमुख प्रतिनिधि नित्यानंद, अजय पांडेय, बृजेश चौधरी, आनंद ओझा, दिग्विजय यादव, मसलहुद्दीन सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। सभी ने चतुर्वेदी परिवार की उदारता की सराहना की और पर्व की शुभकामनाएँ दीं। यह दीपावली न केवल घरों में, बल्कि समाज के हर कोने में प्रकाश बिखेरने वाली साबित हुई।

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