गोरखपुर में यातायात जाम पर लगाम: मंडलायुक्त की सख्ती, बिना पार्किंग वाले भवनों पर कार्रवाई का ऐलान
गोरखपुर। महानगर की बढ़ती यातायात जटिलताओं को दूर करने के लिए मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया। बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने जाम-मुक्त शहर का खाका तैयार करने के निर्देश दिए। त्योहारों खासकर दीपावली और छठ के दौरान विशेष सतर्कता बरतने पर जोर देते हुए ढींगरा ने कहा, “नागरिकों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए मुख्य मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रभावी प्लानिंग अनिवार्य है।”
मंडलायुक्त ने नो-एंट्री जोन का कड़ाई से पालन, सड़क किनारे अवैध पार्किंग तथा ठेले-खोमचे वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मल्टीस्टोरी भवनों और अपार्टमेंट्स में पार्किंग सुविधा की कमी पर चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा, “हॉस्पिटल हो या व्यावसायिक भवन, पार्किंग न होने पर कार्रवाई तय है। कई अस्पतालों में बेसमेंट को मरीज भर्ती या अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में बेसमेंट सील हो जाएगा।”
मीणा ने दीपावली के बाद जीडीए सभागार में मल्टीस्टोरी भवन मालिकों, अस्पताल संचालकों, व्यापारियों और दुकानदारों के साथ विशेष बैठक की घोषणा की, ताकि यातायात दबाव कम करने के उपाय तय हों। नौका विहार क्षेत्र पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने जीडीए को अवैध ठेलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे अधिकृत दुकानदारों का व्यापार प्रभावित न हो।
बैठक में डीआईजी एस. चन्नप्पा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपतुरारी, जीडीए सचिव पुष्प राज सिंह, मुख्य अभियंता किशन सिंह, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय तथा जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त ने समापन में कहा, “विकास के दौर में वैज्ञानिक और टिकाऊ यातायात व्यवस्था आवश्यक है। प्रशासन, पुलिस और नगर निगम का समन्वय गोरखपुर को जाम-मुक्त शहर बनाएगा।” यह पहल न केवल तात्कालिक राहत देगी, बल्कि शहर को व्यवस्थित रूप प्रदान करेगी।















