पिंक कार्ड का बढ़ता चलन, डीएचएस बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ चर्चा।
गोरखपुर। जिले की चिकित्सा इकाइयों में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के दौरान पिंक कार्ड का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। अब तक 84 हजार से अधिक पिंक कार्ड जारी हो चुके हैं, जो महिलाओं में ओरल, गर्भाशय ग्रीवा व स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए हैं। शनिवार को सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ पिंक कार्ड अभियान पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में सीडीओ ने पूर्व निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। उन्होंने महिला स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत करने, टीकाकरण सुनिश्चित करने और महिलाओं को शत-प्रतिशत सरकारी सेवाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि 10 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था हुई है। इससे एलएफटी, केएफटी व थायराइड जांचें संभव होंगी। सैंपल जिला अस्पताल लैब जाएंगे और मरीजों को ऑनलाइन रिपोर्ट मिलेगी। डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन से मरीजों को जिला अस्पताल में लाइन न लगानी पड़ेगी।
अक्टूबर में विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, ब्लॉक अधिकारी व कंसल्टेंट मौजूद रहे।
दिन में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 500 बेड वार्ड में सेवा पखवाड़ा व मिशन शक्ति के तहत ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ शिविर लगा। महिला कर्मियों की जांच कर पिंक कार्ड पर रिकॉर्ड दर्ज किया गया। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, “स्वस्थ नारी से सशक्त समाज बनता है। शिविर महत्वपूर्ण हैं।”
प्राचार्य डॉ. राम कुमार जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य जागरूकता से बीमारियां उन्मूलित होंगी और गैर-संचारी रोगों पर नियंत्रण संभव है। स्त्री एवं प्रसूति विभाग की अध्यक्ष डॉ. रूमा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की भूमिका सराही और भविष्य में अधिक शिविरों की घोषणा की।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि पिंक कार्ड से कैंसर का शीघ्र पता लगाकर उपचार संभव है। इससे उच्च रक्तचाप व मधुमेह जैसी स्थितियां भी पकड़ी जा रही हैं। यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण कदम है।















