बंदियों की आंखों का सहारा बना जेल प्रशासन: गोरखपुर जिला कारागार में नेत्र शिविर
गोरखपुर। जिला कारागार गोरखपुर में बंदियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सुप्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश शर्मा (एम.एस. ऑप्थलमोलॉजी), पूर्व चिकित्सा अधीक्षक, सीतापुर आई हॉस्पिटल, अपनी टीम के साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जेल अधीक्षक डी.के. पाण्डेय ने उनका स्वागत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
नेत्र रोगों पर विस्तृत जानकारी
डॉ. कमलेश शर्मा ने मोतियाबिंद, आंखों में संक्रमण, फंगल, ड्राईनेस, खुजली और अन्य सामान्य नेत्र रोगों के लक्षण, कारण और उपचार पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बंदियों को इन बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए। आकाशवाणी की उद्घोषिका और जेल विजिटर श्रीमती अमृताधीर मेहरोत्रा ने डॉ. शर्मा से नेत्र रोगों से संबंधित कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सरल और प्रभावी जवाब दिया। बंदियों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनका डॉ. शर्मा ने समुचित समाधान प्रस्तुत किया।
50 बंदियों की जांच, मुफ्त दवाएं और चश्मा
शिविर में डॉ. शर्मा और उनकी टीम ने 50 बंदियों की आंखों की जांच की। मौके पर ही दवाइयां वितरित की गईं और जरूरतमंद बंदियों के लिए निःशुल्क चश्मे की व्यवस्था की गई। इस पहल से बंदियों को न केवल तत्काल राहत मिली, बल्कि उनकी दीर्घकालिक नेत्र स्वास्थ्य की देखभाल भी सुनिश्चित हुई।
जेल प्रशासन की सराहनीय पहल
जेल अधीक्षक डी.के. पाण्डेय ने डॉ. कमलेश शर्मा और श्रीमती अमृताधीर मेहरोत्रा के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर में जेलर अरुण कुमार, डिप्टी जेलर विजय कुमार, आदित्य कुमार जायसवाल, फार्मासिस्ट अवधेश कुमार यादव, नीरज श्रीवास्तव सहित अन्य कारागार कर्मी उपस्थित रहे। यह आयोजन जेल प्रशासन की बंदियों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।















