कार्रवाई से सहमे अधिकारी: गोरखपुर DM की सख्ती, 39 अधिकारियों को नोटिस।
गोरखपुर। जिले के नवागत जिलाधिकारी (डीएम) दीपक मीणा ने संपूर्ण समाधान दिवस में लापरवाही बरतने वाले 39 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सख्त संदेश दिया है। 18 अगस्त को खजनी और गोला तहसीलों में आयोजित इस कार्यक्रम में अनुपस्थित रहे अधिकारियों को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और अनुपस्थिति अनुशासनहीनता का प्रतीक है। जवाब न मिलने पर शासन को कार्रवाई के लिए सूचित किया जाएगा।
खजनी में लापरवाही की फेहरिस्त
खजनी तहसील में अनुपस्थित अधिकारियों में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सहजनवां, उरूवां, खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बांसगांव, बेलघाट, सहायक विकास अधिकारी (सहकारी समितियां), पशु चिकित्सा अधिकारी हरनही, सहायक अभियंता विद्युत खजनी, सहायक अभियंता सरयू नहर खंड, सहायक अभियंता यूपी एग्रो, आबकारी निरीक्षक बांसगांव, मत्स्य निरीक्षक और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी शामिल हैं। इनकी अनुपस्थिति ने जन शिकायतों के समाधान में बाधा डाली।
गोला तहसील में भी गैरहाजिरी
गोला तहसील में भी लापरवाही सामने आई। उप मुख्य चिकित्साधिकारी, सहायक अभियंता (विद्युत) बड़हलगंज, गोला, सहायक अभियंता बाढ़ खंड-2, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, चकबंदी अधिकारी, अधिशासी अधिकारी न.प. उरुवा, बीईओ बेलघाट, बीडीओ बड़हलगंज, वन क्षेत्राधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी गोला, नायब तहसीलदार (सर्वे) बड़हलगंज, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) बड़हलगंज, गगहा, उरूवां, बेलघाट, और सहायक विकास अधिकारी (कृषि, सहकारी समिति, समाज कल्याण) शामिल हैं।
सख्ती का संदेश, कार्रवाई की चेतावनी
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का मंच है। अधिकारियों की अनुपस्थिति से जनता का भरोसा टूटता है। तीन दिन में स्पष्टीकरण न देने पर कठोर कार्रवाई होगी। गोरखपुर में पहले भी लापरवाही पर नौ अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए थे। इस बार भी डीएम की सख्ती से अधिकारियों में हड़कंप मचा है।















